January 29, 2026

आईपीएल के मीडिया राइट्स टेंडर जारी होने में अभी और लगेगा समय !

नई दिल्ली , । इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के मीडिया अधिकार टेंडर के जारी होने में और समय लग सकता है, जिसमें पहले से ही देरी हो रही है। क्रिकबज के मुताबिक, टेंडर जारी करने में लगातार हो रही देरी के तीन महत्वपूर्ण कारण हो सकते हैं, जिससे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को लगभग 30 हजार करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है। इसका पहला कारण 10वीं आईपीएल फ्रेंचाइजी को लेकर अनिश्चितता को माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि बीसीसीआई ने बीते दिनों एक बयान में कहा था कि सीवीसी स्पोर्ट्स ने अहमदाबाद फ्रेंचाइजी जीती है, लेकिन उसकी बोली में एक अड़चन आ गई है और इस कारण उसे अभी तक मंजूरी पत्र (लेटर ऑफ इंटेंट) जारी नहीं किया गया है। दूसरा कारण बीसीसीआई का ऑक्शन प्रोसेस को लेकर असमंजस में होने को समझा जा रहा है। दरअसल बोर्ड इस बात को लेकर असमंजस की स्थिति में है कि ई-नीलामी के लिए जाया जाए या बंद बोली का ऑप्शन चुना जाए। कुछ लोगों का तर्क है कि बंद बोली लगाने से उसे पार्टी से बहुत अधिक पैसा मिल सकता है, जो बोली के लिए बेताब है। इसका एक सीधा उदाहरण संजीव गोयनका का आरपीएसजी समूह है, जिसने हाल ही में लखनऊ फ्रेंचाइजी के लिए किसी भी संभावित प्रतियोगी से बहुत ऊंची 7090 करोड़ रुपए की बोली लगाई थी। उसकी यह बोली दूसरी सबसे बड़ी बोली से 1500 करोड़ रुपए अधिक थी। समझा  जाता है कि ई-नीलामी में सबसे ज्यादा बोली करीबी प्रतियोगी की तुलना में केवल थोड़ी ही अधिक हो सकती है, हालांकि ई-बोली के अपने फायदे भी हैं, खासकर तब जब कई पार्टियां हैं जो समान रूप से बोली के इच्छुक हैं। आईपीएल मीडिया अधिकार टेंडर के लिए देश के सभी तीन संभावित बोलीदाताओं स्टार, सोनी-जी और जियो के एक आगामी चैनल की आपस में कड़ी प्रतस्पिर्धा की उम्मीद है। क्रिकबज का मानना है कि तीसरा कारण चार दिसंबर को होने वाली बीसीसीआई की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) हो सकती है, जिसमें तीन नए सदस्यों को शामिल करके आईपीएल की नई गवर्निंग काउंसिल का गठन किया जाना है।
बीसीसीआई के एक पदाधिकारी ने हालांकि मीडिया अधिकार टेंडर में देरी के कारण पर बात करने से इनकार किया है, जबकि समझौता करने के करीब पार्टियों ने कहा है कि सीवीसी की बोली की मौजूदा स्थिति के चलते इसमें थोड़ा और समय लगेगा। उल्लेखनीय है कि बीसीसीआई ने बीते दिनों घोषणा की थी कि अक्टूबर के अंत में दो नई आईपीएल टीमों की घोषणा के तुरंत बाद मीडिया अधिकार टेंडर जारी किया जाएगा, लेकिन अब यह अगले महीने ही आ सकता ह)सोलोजानो को लगी सिर में चोट , अस्पताल में हुए भर्ती
कोलम्बो ,। वेस्ट इंडीज के जेरेमी सोलोजानो को श्रीलंका के खिलाफ उनके पदार्पण टेस्ट मैच के दौरान दिमुथ करुणारत्ने का शॉट सिर में लगने के बाद अस्पताल ले जाया गया।
यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना रविवार को पहले दिन 24वें ओवर में हुई। रोस्टन चेज ने श्रीलंका के कप्तान को एक शार्ट बॉल डाली जिन्होंने एक शक्तिशाली पुल शॉट लगाया और गेंद शार्ट लेग पर खड़े सोलोजानो के पास सीधे उनके हेलमेट के आगे लगी ग्रिल से टकराई। बॉल के असर से हेलमेट का अगला हिस्सा अपनी जगह से निकल गया।
सोलोजानो मैदान पर गिर गए। खिलाडिय़ों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। फीजियो ने उन्हें मैदान में आकर तुरंत देखा और उन्हें स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाया गया और फिर उन्हें स्कैन के लिए एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया।
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)उम्मीद है कि मेरा आखिरी टी20 मैच चेन्नई में होगा : धोनी
चेन्नई  । आईपीएल की चैंपियन टीम चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने संकेत दिए है कि वह इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) का प्रतिनिधत्व करना जारी रखेंगे और उन्हें उम्मीद है कि उनका आखऱिी टी20 मैच चेपॉक के मैदान पर होगा।
इससे पहले, कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के ख़िलाफ़ आईपीएल 2021 के फ़ाइनल में सुपर किंग्स की जीत के बाद, धोनी ने कहा था कि आने वाले सीजऩ से संबंधित कोई भी निर्णय टीम के हित को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। बड़े ऑक्शन और प्रत्येक टीम को केवल चार खिलाडिय़ों को रिटेन करने की अनुमति के साथ, एक खिलाड़ी के तौर पर उनके भविष्य पर अनिश्चितता का साया बना हुआ है। हालांकि सुपर किंग्स के मालिक एन श्रीनिवासन ने संकेत दिया था कि वह किसी ना किसी भूमिका में चेन्नई की टीम के साथ बने रहेंगे।
फ्ऱेंचाइज़ी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में धोनी ने कहा, मैंने हमेशा अपने क्रिकेट की योजना बनाई है। आखऱिी वनडे जो मैंने भारत में खेला था, वह रांची में था। उम्मीद है कि मेरा आखऱिी टी20 चेन्नई में होगा, फिर चाहे वह अगले साल हो या पांच साल बाद, मुझे नहीं पता। धोनी ने 2008 में पहले सीजऩ से ही सुपर किंग्स का नेतृत्व किया है और उन्हें चार आईपीएल ख़िताब दिलाए हैं। साल 2020 को छोड़कर हर साल सीएसके ने प्लेऑफ़ में जगह बनाई है। इन 14 वर्षों में धोनी न केवल इस टीम बल्कि इस शहर के साथ जुड़ गए हैं।
उन्होंने कहा, आईपीएल की बात करें तो इस शहर से मेरा रिश्ता 2008 में शुरू हुआ लेकिन देखा जाए तो मैं उससे पहले से ही यहां से जुड़ा हुआ हूं। उनमें से सबसे यादगार पल, मेरा टेस्ट डेब्यू चेन्नई में ही था। मैं नहीं जानता था कि मुझे सीएसके द्वारा चुना जाएगा। जब मैं इस टीम में आया तब मुझे यहां की संस्कृति से रूबरू होने का अवसर मिला। और वह चीज़ जिसने इस रिश्ते को और भी अलग बनाया वह यह थी कि मैं एक मुसाफिऱ हूं। मेरे माता पिता उत्तर प्रदेश से हैं। वह पहले यूपी था और बाद में उत्तराखंड बना। मैं रांची में पैदा हुआ जो उस समय बिहार का हिस्सा था लेकिन आगे चल कर झारखंड बन गया। 18 वर्ष की आयु में मुझे रेलवे में पहली नौकरी खडग़पुर, पश्चिम बंगाल में मिली और फिर मैं चेन्नई आया। मेरा मानना है कि चेन्नई और तमिलनाडु ने मुझे बहुत कुछ सिखाया : कैसे ख़ुद का संचालन करना है और कैसे खेल की सराहना करना है। हर एक मैच जो हमने चेपॉक में खेला हैं, उसमें समर्थकों ने अच्छे खेल का प्रशंसा की है।
00)मैं कभी भी असाधारण रूप से प्रतिभाशाली नहीं था : हर्षल
रांची । न्यूज़ीलैंड के खिलाफ दूसरे टी 20 मुकाबले में 25 रन पर दो विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द मैच बने भारत के तेज गेंदबाज हर्षल पटेल को नहीं लगता कि वह बहुत प्रतिभाशाली हैं। उनके गेंदबाज़ी एक्शन के अध्ययन ने उन्हें इस निष्कर्ष पर लाया है कि यह तकनीकी रूप से अपूर्ण है। उनकी गेंदों को कम उछाल प्राप्त होता और उनके एक्शन से चोट का ख़तरा भी बढ़ जाता है। वह इस बात को भी स्वीकार करते हैं कि भले ही वह एक तेज़ गेंदबाज़ हैं, लेकिन वह नियमित रूप से 140 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से गेंदबाज़ी नहीं कर सकते हैं।
अपने बारे में इन सारी बातों को जानने के बावजूद, हर्षल एक ऐसा आईपीएल का सीजऩ खेल कर आ रहे हैं, जहां उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में सबसे अधिक विकेट लिए और प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट रहे। उसके कारण उन्हें शुक्रवार को भारतीय टीम की तरफ़ से पदार्पण करने का मौक़ा मिला और उस मौक़े को भुनाते हुए, उन्होंने अपने पहले ही मैच में प्लेयर ऑफ़ द मैच का ख़िताब जीता। भारत के लिए अपने पदार्पण मैच में प्लेयर ऑफ़ द मैच का खिताब जीतने वाले वह सिफऱ् आठवें खिलाड़ी हैं।
कौशल के दृष्टिकोण से हर्षल में जो भी कमी है, उस पर उन्होंने काफ़ी सूक्ष्मता से काम किया है। उनके पास गति में जो कमी है, वह उसे धैर्य के साथ पूरा करते हैं। हर्षल ने अपनी हर कमी को पहचानते हुए, कड़ी मेहनत से उन्हें दूर करने का प्रयास किया है। सीनियर स्तर पर 238 मैचों में उन्होंने 446 विकेट लिए हैं।
हर्षल ने डेब्यू पर प्लेयर ऑफ़ द मैच का पुरस्कार जीतने के बाद मेज़बान ब्रॉडकास्टर स्टार से कहा, मैं असाधारण रूप से प्रतिभाशाली नहीं था, मुझे अपने खेल पर शुरुआती दिनों से काम करना पड़ा।मेरे लिए यह मेरे कौशल और उन चीज़ों के बीच अंतर करने की क्षमता थी जो मैं नहीं कर सकता था, ऐसी चीज़ें जो मेरी प्रतिभा मुझे करने की इजाज़त नहीं देती। आपको उस पर काम करते रहना होगा और इसे इतना अच्छा बनाना होगा कि सीमित कौशल या सीमित विकल्प के साथ आप बढिय़ा प्रदर्शन कर सकते हैं और लगातार उस पर अमल कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि शीर्ष स्तर का हर खिलाड़ी जानता है कि उनकी सीमाएं क्या हैं, लेकिन कुछ इसे खुले तौर पर स्वीकार करते हैं जैसे हर्षल ने किया। वह ऐसा इसलिए कर सकें क्योंकि उनके लिए गति की कमी, अपूर्ण एक्शन आकस्मिक हैं। जो कोशल उनके पास नहीं है, वह उस पर ज़्यादा ध्यान देते ही नहीं हैं। उनके पास जो क्षमताएं हैं, वह उसी के साथ बढिय़ा प्रदर्शन करने का तरीक़ा ढूंढ लेते हैं।

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