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October 16, 2026

सरकार ने वन विभाग के मुखिया भर्तरी को हटाया, विनोद सिंघल का जिम्मा

देहरादून।  सरकार ने प्रशासनिक चूक और अनियमितताएं पाते हुए वन विभाग के मुखिया राजीव भर्तरी को ही हटा दिया है। ये पहला मौका है जब राज्य में किसी फारेस्ट चीफ को इस तरह से हटाया गया है। पीसीसीएफ विनोद कुमार सिंघल को उनकी जगह नया हैड आफ फारेस्ट फोर्स (हाफ) बनाया गया है। इसके अलावा पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ अनूप मलिक, चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जेएस सुहाग और डीएफओ कालागढ़ किशन चंद को भी उनके पदों से हटा दिया है।
सुहाग की जगह डा. पराध मधुकर धकाते को राज्य के नए चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन का चार्ज दिया गया है। हॉफ के बाद वन विभाग में ये सबसे अहम पद है। कार्बेट नेशनल पार्क के कौलागढ़ डिवीजन में पाखरो टाइगर सफारी के लिए वहां तमाम तरह के निर्माण और पेड़ों का कटान किया गया। जिसे नियम विरुद्ध बताते हुए कुछ पर्यावरण प्रेमियों ने एनटीसीए में शिकायत की थी। जिसके बाद एनटीसीए की टीम ने निरीक्षण कर इस मामले में प्रशासनिक नियंत्रण में भारी चूक और कामों में अनियमितता की रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी थी। जिसमें सभी जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए भी कहा गया था। अब सरकार ने इस पर बड़ी कार्रवाई करते हुए विभाग के मुखिया राजीव भर्तरी सहित चार अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया। आईएफएस भर्तरी को जैव विविधता बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया है। आईएफएस विनोद सिंघल को उनकी जगह विभागीय मुखिया की जिम्मेदारी दी गई है।

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