January 30, 2026

19 वर्षीय यश ढुल के नाम नया इतिहास, डेब्यू मैच की दोनों पारियों में लगाया शतक

19 वर्षीय यश ढुल के नाम नया इतिहास, डेब्यू मैच की दोनों पारियों में लगाया शतक  
नई दिल्ली ,। अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता टीम के कप्तान यश ढुल ने इतिहास रच दिया है। 19 वर्षीय बल्लेबाज ने अपने रणजी ट्रॉफी के डेब्यू मैच की दोनों पारियों में शतक लगाकर कई रिकार्ड्स अपने नाम किए। गुवाहाटी में दिल्ली की तरफ से सलामी बल्लेबाजी करते हुए ढुल ने तमिलनाडु के खिलाफ दोनों पारियों में शतकीय पारी खेली। यश अब रणजी ट्रॉफी के डेब्यू मैच की दोनों पारियों में शतक लगाने वाले तीसरे भारतीय क्रिकेटर बन गए हैं। उनके अलावा नारी कांट्रेक्टर (152 & 102) ने गुजरात के लिए 1952/53 में और विराग स्वाठे (126 और 112) ने महाराष्ट्र के लिए 2012/13 में यह कारनामा किया था।
यश ने इससे पहले पारी की शुरुआत करते हुए पहले दिन 18 चौकों की मदद से 150 गेंदों में 113 रन बनाए थे। इसके बाद दूसरी पारी में वह 202 गेंदों में 113 रन बनाकर नाबाद रहे।
दाएं हाथ के स्टार बल्लेबाज यश अब रणजी ट्रॉफी के एक मैच की दोनों पारियों में शतक लगाने वाले दिल्ली के 7वें क्रिकेटर बन गए हैं। आखिरी बार दिल्ली की तरफ से ऋषभ पंत ने यह कमाल किया था। यश ने इससे पहले अंडर-19 वर्ल्ड कप में कोविड की वजह से शुरुआती कुछ मुकाबलों से बाहर रहने के बाद जोरदार वापसी की थी। उन्होंने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतक जड़ा था। विश्व कप में उन्होंने 4 पारियों में 76 की औसत से 229 रन बनाए।  
रणजी ट्रॉफी की दोनों पारियों में शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज एसएम कादरी थे। उन्होंने 105 और 114 रन बनाए थे। बॉम्बे और वेस्टर्न इंडिया के बीच दिसंबर 1935 में खेले गए मैच में कादरी ने बॉम्बे के लिए दोनों पारियों में शतक लगाया था।
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)कुछ देर में शुरू होगा तीसरा मैच, विराट कोहली, ऋषभ पंत के बिना उतरेगी टीम इंडिया
नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम रविवार को ईडन गार्डन्स के मैदान पर तीसरे और आखिरी टी-20 मैच में जीत दर्ज कर वेस्ट इंडीज को 3-0 से क्लीन स्वीप करने के मकसद से उतरेगी। भारत के पास फिलहाल सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त है। भारत ने इससे पहले वनडे सीरीज को भी 3-0 से क्लीन स्वीप किया था।
भारत अगर यह मैच जीतता है तो वह वेस्ट इंडीज को पूरे दौरे में क्लीन स्वीप कर देगा और इस तरह की यह उसकी दूसरी उपलब्धि होगी। इससे पहले 2017 में विराट कोहली के नेतृत्व में भारतीय टीम ने श्रीलंका दौरे पर तीनों प्रारूपों (टेस्ट, वनडे, टी-20) में मेजबान श्रीलंका को 9-0 से क्लीन स्वीप किया था। उसके अलावा पाकिस्तान और न्यूजीलैंड ने दो-दो, जबकि ऑस्ट्रेलिया और वेस्ट इंडीज ने एक-एक बार ऐसा किया है।
 )भारत की टेस्ट टीम से चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे की हुई छुट्टी
नई दिल्ली । भारतीय टीम के चयनकर्ताओं ने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट और टी20इंटरनेशनल सीरीज के लिए टीम की घोषणा कर दी है। टेस्ट टीम में पुजारा और रहाणे का नाम नहीं है। दोनों दिग्गजों ने पिछले कुछ वर्षों में क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप में संघर्ष किया है। इसी वजह से उन्हें टेस्ट टीम से बाहर कर दिया गया है।
उधर, भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने श्रीलंका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज के लिए चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे को बाहर करने के बीसीसीआई के फैसले पर तंज कसते हुए कहा कि उम्मीद थी कि साउथ अफ्रीका सीरीज के बाद दोनों सीनियर खिलाडिय़ों को बाहर कर दिया जाएगा।
गावस्कर ने कहा, इसकी उम्मीद थी। दक्षिण अफ्रीका में तीन टेस्ट मैचों में अगर इनमें से किसी एक ने भी शतक लगाया होता या 80-90 रन की पारी खेली होती तो बात अलग होती। हां, अजिंक्य रहाणे ने एक आकर्षक पारी खेली, लेकिन इसके अलावा जब उम्मीद की जा रही थी और जब टीम को रनों की जरूरत थी, तब उन्होंने पर्याप्त रन नहीं बनाए।
हालांकि, गावस्कर ने कहा कि पुजारा और रहाणे दोनों निश्चित रूप से भारतीय टीम में वापस आ सकते हैं, लेकिन उन्हें लगातार स्कोर करना होगा। उन्होंने कहा, वे वापसी कर सकते हैं, इसमें कोई दो राय नहीं है। अगर वे बहुत अच्छी फॉर्म दिखाते हैं, रणजी ट्रॉफी के हर मैच में 200-250 का स्कोर बनाते हैं, तो वापसी निश्चित रूप से संभव है, लेकिन इस टेस्ट सीरीज के बाद इंग्लैंड में सिर्फ एक टेस्ट है और उसके बाद टी20 वर्ल्ड कप है, इसलिए हम नवंबर और दिसंबर में उनकी वापसी देखेंगे।  
गावस्कर ने आगे कहा, मुझे लगता है कि समय उनके पक्ष में नहीं होगा, क्योंकि ये दोनों बल्लेबाज 35 साल के आस-पास के होंगे। अगर इन दो खाली जगहों पर युवाओं को मौका दिया गया है और अगर वे युवा इस मौके को भुना लेते हैं तो उनके (पुजारा और रहाणे) के लिए टीम में वापसी करना मुश्किल होगा। भारतीय टीम को मार्च में श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैच खेलने हैं।  

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