March 26, 2026

उत्तराखंड की संस्कृति बचाने को खूबसूरत डोली

नैनीताल । उत्तराखंड की संस्कृति को बचाने मे योगदान के लिए कसार पहाड़ी स्टोर अपना पहला उत्पाद /प्रोडेक्ट आज शकुना डोली के रूप मे आपके सामने प्रदर्शित कर रहा है। यह डोली का प्रथम संस्करण है।

डोली निर्माताओं के कहना है कि शकुना डोली के माध्यम से हम वर्तमान पीढी को शादी / ब्याह से लुप्तप्राय हो चुकी पहाड़ी डोली से परिचित कराना चाहते हैं। और उम्मीद करते हैं ये डोली पुनः हमारी संस्कृति का हिस्सा बने और शादी ब्याह मे दुल्हन के विदाई के समय इसका पुनः प्रयोग हो। दुल्हे को भी डोली से ही बारात के स्वागत के बाद प्रांगड़ तक लाया जाता था।

यह डोली 13 इंच लंम्बी और 6 इंच ऊंची है। शकुना डोली लाल, पीला और नीले रंगो मे उपलब्ध है । यह शादी मे देने के लिए एक सुंदर उपहार है। इसके अलावा शकुना को होम डिकोर या अन्य प्रदेशों के मित्रो को देने के लिए उत्तराखंड के सूविनियर/ यादगार उपहार के तौर पर भी उपयोग कर सकते हैं।

शकुना डोली बनाने मे पिथौरागढ़ से Bhaav Raag Taal Natya Academy के काष्ठकला के कारीगरों और ऐपण वर्क के लिए हेल्प फाऊंडेशन से जुड़ी महिलाओं का सहयोग लिया गया है।

शकुना डोली का नामकरण पहाड़ी शकुन आखर के नाम पर रखा गया हैं । यह डोली कसार पहाड़ी स्टोर भुजियाघाट नैनीताल में उपलब्ध हैं।