January 30, 2026

छप्परफाड़ रिटर्न : 2 रुपये से भी कम के इस शेयर ने ?1 लाख को बना दिया ?30 लाख

163 रुपये से 766 के पार पहुंचा यह शेयर, इस दिग्गज निवेशक ने लगाया है बड़ा दांव
नई दिल्ली । फैशन के कारोबार से जुड़ी कंपनी मॉटी कारलो के शेयर ने बीते कुछ वर्षों में ताबड़तोड़ रिटर्न दिया है। कंपनी के शेयर का भाव 163 रुपये से 750 रुपये के लेवल तक पहुंच गया है। इस स्टॉक में दिग्गज निवेशक डॉली खन्ना ने भी दांव लगाया है। डॉली खन्ना विषय में कहा जाता है कि वो ऐसे स्टॉक पर दांव लगाती हैं जिसकी चर्चा बाहर बहुत कम होती है। यही वजह है कि समय-समय पर लोग उनके पोर्टफोलियो को चेक करते रहते हैं। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उन्होंने अलग-अलग कंपनियों में बड़ा निवेश किया है। जहां एक तरफ  डॉली खन्ना ने 5 नए स्टॉक अपने पोर्टफोलियो में जोड़े हैं। वहीं दूसरी तरफ 15 कंपनियों के शेयरों में अपनी हिस्सेदारी घटाई है। लेकिन इस बीच उन्होंने मॉटी कारलो के शेयरों पर भरोसा जताया है।
00)आईटीसी के शेयर 3 साल में पहली बार 300 रुपये के पार, एक्सपर्ट बोले- अब 340 रुपये तक जाएगा शेयर
नई दिल्ली ।  आईटीसी के शेयरों ने एजीएम के अगले ही दिन वो कारनामा कर के दिखाया जिसका इंतजार निवेशक 2 साल से अधिक समय से कर रहे थे। 3 साल बाद एक बार फिर आईटीसी के शेयर 300 रुपये के पार पहुंच गए हैं। गुरूवार को कंपनी के शेयर का भाव शुरुआती कारोबार में 302.20 रुपये का लेवल पर पहुंच गया। इससे पहले 300 का लेवल को कंपनी के शेयर मई 2019 में क्रॉस किए थे। बता दें, बुधवार को जब कंपनी 111 एजीएम चल रही थी तब शेयर 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर को पार कर गए थे।
340 रुपये का पार जाएगा शेयर का भाव!
आईटीसी के शेयरों के प्रदर्शन को लेकर जीसीएल सिक्योरिटीज के सीईओ रवि सिंघल लाइव मिंट से कहते हैं, जिस किसी के पास आईटीसी के शेयर हैं उन्हें 340 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ होल्ड करने की सलाह दी जाती है। वहीं, 265 रुपये के स्टॉप लॉस को भी बनाए रखना होगा। ऐसे लोग जो इस स्टॉक में अब निवेश करने की सोच रहे हैं उनके विषय में बात करते हुए रवि सिंघल कहते हैं, जो इस लेवल पर यह स्टॉक खरीद रहा है वो 275 का लेवल तक होल्ड कर सकता है। ऐसे निवेशकों को यह भी सलाह है कि वे 265 रुपये के लेवल स्टॉप लॉस को बनाए रखें।
कंपनी की सालाना आमसभा को बुधवार को ऑनलाइन तरीके से संबोधित करते हुए आईटीसी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक संजीव पुरी ने कहा कि कंपनी के रोजाना के उपभोग के सामान (एफएमसीजी) क्षेत्र में करीब 25 ब्रांड हैं। उन्होंने कहा कि पोर्टफोलियो का चयन सावधानी से किया गया है और इसमें वृद्धि की काफी गुंजाइश है। पुरी ने बताया कि आईटीसी ने इस साल के दौरान 110 उत्पाद पेश किए हैं।
     उन्होंने शेयरधारकों को बताया कि कंपनी ने देशभर में एकीकृत उपभोक्ता सामान विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स (आईसीएमएल) सुविधाओं का निर्माण किया है जिससे यह संरचनात्मक लाभ की स्थिति में है। पुरी ने कहा कि आर्थिक गतिविधियां अब सामान्य हो गई हैं और महामारी-पूर्व के स्तर से आगे हैं। ऐसे में कंपनी के परंपरागत सिगरेट कारोबार की स्थिति भी सुधरी है। उन्होंने बताया कि कंपनी के कृषि कारोबार का प्रदर्शन भी अच्छा रहा है और गेहूं, चावल, मसालों और तंबाकू की निर्यात वृद्धि मजबूत रही है।
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)एलन मस्क की कंपनी टेस्ला ने बेच दिए 936 मिलियन डॉलर के बिटकॉइन, डॉग कॉन पर भी लिया बड़ा फैसला
नई दिल्ली ,।  ट्विटर से डील कैंसिल करने को लेकर इस समय चर्चा बटोर रहे दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क ने एक और बड़ा फैसला किया है। उनकी इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली कंपनी टेस्ला ने बिटकॉइन की अपनी होल्डिंग को कम कर दिया है। टेस्ला की तरफ से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि कंपनी ने अपनी कुल बिटकॉइन होल्डिंग का 75प्रतिशत हिस्सा बेच दिया है।
शेयर होल्डर्स से क्या बोली टेस्ला?
एलन मस्क की कंपनी टेस्ला ने शेयर होल्डर्स को दी जानकारी में बताया, हमने लगभग 75प्रतिशत बिटकॉइन होल्डिंग को फ्लैट करेंसी में बदला है। कंपनी की तरफ से दी जानकारी के अनुसार 936 मिलियन डॉलर को कैश में कन्वर्ट किया गया है। बता दें, इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली कंपनी ने 2021 में दी जानकारी में बताया था कि उसने 1.5 अरब डॉलर का निवेश बिट कॉन में किया है। जिसमें से इसी साल अप्रैल में कंपनी 10प्रतिशत अपनी हिस्सेदारी को बेच दिया था।

छप्परफाड़ रिटर्न : 2 रुपये से भी कम के इस शेयर ने ?1 लाख को बना दिया ?30 लाख
नई दिल्ली ।  20 जुलाई 2018 को इस स्टॉक का मूल्य 1.78 रुपये था और आज यह बढक़र 50.50 रुपये पर पहुंच गया है। इन 3 सालों में इसने  2905.95 फीसद का रिटर्न दिया है। यानी अगर किसी ने इस स्टॉक में 3 साल पहले एक लाख रुपये लगाए होंगे और अब तक इस स्टॉक को होल्ड किए होंगे तो उनका एक लाख 30 लाख रुपये में तब्दील कर चुका होगा।
15 दिन में करीब 70 फीसद का रिटर्न
बता दें शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच पिछले 15 दिन में ब्राइटकॉम ग्रुप के शेयरों  ने करीब 70 फीसद का रिटर्न दिया है। यह स्टॉक केवल 22 दिनों में 29.90 से 50.50 रुपये पर पहुंच गया है।   पिछले 15 दिन में इस स्टॉक ने 68.90 फीसद का रिटर्न दिया है।अगर पिछले एक साल की बात करें तो इस स्टॉक ने 140.48 का रिटर्न दिया है।
अधिक कारोबार वाली सिक्रूटिस में ब्राइटकॉम ग्रुप भी
बता दें बुधवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में सबसे अधिक कारोबार वाली सिक्रूटिस  में ब्राइटकॉम ग्रुप भी शामिल था। इनमें आरआईएल (134.45 करोड़ रुपये), एसबीआई (75.32 करोड़ रुपये), टीसीएस (68.49 करोड़ रुपये), वेदांत (58.29 करोड़ रुपये), इंफोसिस (49.95 करोड़ रुपये), एचडीएफसी बैंक (41.93 करोड़ रुपये) ), लक्ष्मी ऑर्गेनिक इंडस्ट्रीज एनएसई 7.92त्न लिमिटेड (38.85 करोड़ रुपये), आईसीआईसीआई बैंक (38.24 करोड़ रुपये), ब्राइटकॉम ग्रुप (37.20 करोड़ रुपये) और पॉलिसी बाजार (32.93 करोड़ रुपये) जैसे स्टॉक थे।

शेयर बाजार में तेजी बरकरार,सेंसेक्स 55500 के पार, इंडसइंड बैंक में 6 फीसद से अधिक की उछाल
नई दिल्ली ,। शेयर मार्केट में थोड़ी तेजी बढ़ी है। सेंसेक्स सुस्त शुरुआत के बाद अब 142 अंकों की बढ़त के साथ 55539 के स्तर पर है। सेंसेक्स पर इंडसइंड बैंक में 6 फीसद से ऊपर की तेजी दिख रही है। इसके अलावा टेक महिंद्रा से लेकर डॉक्टर रेड्डी तक में बढ़त 0.12 फीसद से 1.75 फीसद के बीच है। जबकि, रिलायंस, एनटीपीसी, एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक लाल निशान पर हैं।  घरेलू शेयर बाजार में लगातार चार दिनों से रैली देखने को मिल रही है। गुरुवार को तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स की शुरूआत कमजोर रही।सेंसेक्स महज 5 अंक ऊपर 55391 के स्तर पर खुला तो निफ्टी 2 अंक ऊपर 16523 के स्तर पर। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 27 अंकों की गिरावट के साथ 55369 पर था। वहीं 28 अंक नीचे 16492 के स्तर पर था। निफ्टी टॉप गेनर में ओएनजीसी,इंडसइंड बैंक, सन फार्मा, हिन्डाल्को और सिप्ला जैसे स्टॉक थे तो टॉप लूजर में विप्रो, कोटक महिंद्रा बैंक, इन्फोसिस, एचडीएफसी लाइफ और एशियन पेंट्स के शेयर।
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)टाटा ग्रुप ने दिया वीआरएस का ऑफर, एयर इंडिया के 4500 कर्मचारियों ने भरी हामी
नई दिल्ली ।  जब से एयर इंडिया की कमान फिर से टाटा समूह के पास आई है। उसके बाद से ही नया मैनेंजमेंट एयर इंडिया को नए तरीके से गढऩे में लगा है। इसी वजह से 4500 पुराने कर्मचारियों को समय से पहले रिटायरमेंट लेना पड़ रहा है। इस पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए रखने वाले व्यक्ति के अनुसार 4500 पुराने कर्मचारियों ने मैनेजमेंट की तरफ से दिए गए वीआरएस के ऑफर को स्वीकार कर लिया है। बता दें, जब एयर इंडिया का अधिग्रहण टाटा समूह के द्वारा किया गया था तब कुल 13000 कर्मचारी काम कर रहे थे। जिसमें 8000 पर्मानेंट और बाकि कांट्रैक्ट पर थे।

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