January 31, 2026

गोपालकोट भगवती मन्दिर में अखण्ड रामायण सम्पन्न


बागेश्वर गरुड़ । विकास खण्ड गरुड़ अंतर्गत एक ऐतिहासिक एवं धार्मिक आस्था का केन्द्र माँ भगवती मन्दिर गोपालकोट में आज अखण्ड रामायण पाठ का अनुष्ठान संपन्न हुआ ।
ग्राम रणकुनी से करीब 4 किमी दूर बाज , बुरुश व उत्तीस सहित अनेकों प्रकार की जड़ी बूटियों से परिपूर्ण घनघोर जंगल के पहाड़ के शीर्ष पर स्थित गोपालकोट आज किसी परिचय का मोहताज नही हैं । यह अपने आप मे न केवल एक पौराणिक धार्मिक व ऐतिहासिक जगह हैं वरन हमारे गरुड़ विकास खण्ड के एक बेहद खूबसूरत पर्यटन स्थल के रूप में भी इसका अपना एक विशिष्ट स्थान हैं।
प्राचीन इतिहास पर अगर हम एक नजर डालते है तो हमे मालूम पड़ता हैं कि चंद वंशीय राजाओ की यह अंतिम राजधानी रही हैं।
ऐसा कहा जाता हैं कि जब कुमाऊँ पर प्राचीन समय मे रुहेलों ने आक्रमण किया तो चंद वंश के राजा उनसे बचने के लिए अपनी पूरी फ़ौज सहित यहाँ आ बसे थे। इसके पीछे शायद राजा की ये सोच रही हो कि यदि वे पहाड़ की इस सबसे ऊंची चोटी पर अपनी राजधानी की स्थापना करते हैं तो शायद ही कोई सेना नीचे से आकर उनका मुकाबला कर सके। यही कारण हैं कि राजा ने कत्यूर घाटी के इस सबसे ऊंचे पहाड़ की चोटी को ही अपनी राजधानी के मुफीद समझा ।
लेकिन राजा के दुर्भाग्य ने यहाँ पर भी उनका साथ नही छोड़ा और रुहेलों द्वारा उन पर पीछे से आकर हमला बोल दिया और यही पर उनकी हत्या कर दी गई।
राजा के द्वारा बनाये गए उनके महलो के खंडहर जो कि आज एक 2 पत्थर के रूप में यत्र तत्र बिखरे हुए सर्वत्र नजर आते है । राजा के सैनिकों द्वारा की गई किलेबंदी की दीवारें व उनके द्वारा बनाये गए कई किमी लम्बी सुरंगे आज भी प्रत्यक्ष रूप से आज भी देखी जा सकती हैं ।
यहां पर राजा द्वारा अपनी कुलदेवी माँ भगवती की स्थापना हेतु स्थापित मन्दिर आज क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों व स्थानीय लोगों की सहायता से आज एक भब्य रूप ले चुका है। जिसमे यहाँ के पुजारी मादो नाथ के अथक प्रयासों से प्रति वर्ष अखण्ड रामायण के पाठ का भब्य आयोजन किया जाता हैं । जिसमे प्रतिभाग करने यहाँ के दर्जनों गावो के भक्तजन इस बेहद बीहड़ रास्तों से गुजरकर माँ भगवती के दर्शनों को अपनी हाजिरी लगाते हैं ।
इस वर्ष रामायण पाठ के कार्यक्रम में कपकोट के पूर्व विधायक माननीय ललित फर्स्वाण भी अपने साथियों के साथ माँ भगवती के दरवार में मत्था टेकने पहुँचे ।
यहाँ पहुचकर उन्होंने महिलाओं द्वारा एक विशाल टेंट की माँग किये जाने पर अगले बर्ष उसे पूरा किये जाने का आश्वासन दिया।
यहाँ आपको यह भी बताते चले कि पूर्व विधायक श्री फर्स्वाण द्वारा इस वर्ष एक बहुत बड़ा पतीला मन्दिर को भेंट किया है ।
प्राकृतिक रूप से रमणीक इस जगह में यहाँ पहुँचे भक्तजनों को जिस समस्या से सबसे ज्यादा दो चार होना पड़ता हैं वह यहाँ की पेयजल की समस्या हैं । मन्दिर पुजारी का कहना है कि मन्दिर से करीब 3 किमी की दूरी पर यहाँ पेयजल श्रोत उपलब्ध हैं । उन्होंने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से अपील की हैं कि यदि इस जगह पर शासन से पेयजल योजना और एक रज्जुमार्ग रोप वे की समस्या का समाधान कराया जा सके तो यह एक खूबसूरत पर्यटन स्थल के रूप में अपनी छाप छोड़ सकता हैं जिसका फायदा यहाँ के स्थानीय लोगो को भी भविष्य में भरपूर मिल सकता है ।
अखण्ड रामायण के पूर्ण होने पर आज प्रातः दूर 2 से आये भक्तजनों ने पूजा अर्चना व कीर्तन भजन के बाद माँ भगवती के विशाल भंडारे का प्रसाद ग्रहण कर कार्यक्रम का समापन किया ।
आज के इस कार्यक्रम में पिनाकेश्वर महाराज , भुवन बोरा मदन कांडपाल कैलाश बोरा सुंदर बरौलिया सुंदर सिंह कुन्दन सिंह योगेश राणा पंकज सिंह बिसन सिंह गणेश नाथ शम्भू गिरी योगेश पुरी दर्शन गिरी मदन बिष्ट कृष्ण सिंह नारायण नाथ व पत्रकार अर्जुन राणा सहित सैकड़ों महिलाएं व बच्चे शामिल रहे।