कोसी नदी के पुर्नजनन एंव जल संरक्षण हेतु बैठक आयोजित
अल्मोड़ा ( आखरीआंख समाचार ) उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केन्द्र (यूसर्क) एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग, उत्तराखण्ड सरकार के सहयोग से कोसी नदी के पुर्नजनन एवं जल संरक्षण हेतु कार्यशाला का आयोजन विकासखण्ड सभागार हवालबाग में किया गया। इस कार्यशाला में यूसर्क वे वरिष्ठ वैज्ञानिकों सहित अनेक विशेषज्ञ लोगो ने कोसी नदी के बचाव हेतु अपने-अपने सुझाव दिए। द्वितीय चरण के अभियान की इस कार्यशाला में मुख्य अतिथि जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कहा कि कोसी नदी पुर्नजनन अभियान के प्रथम चरण की सफलता के बाद द्वितीय चरण में भी सभी लोगो का जनसहयोग आवश्यक है। जिलाधिकारी ने सभी नोडल अधिकारियों से कहा कि वे सभी इस अभियान को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन पूर्ण तत्परता से करें। जिलाधिकारी ने कहा कि कोसी नदी पुर्नजनन अभियान को पर्यावरण मंत्रालय ने राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के रूप में ले लिया है। उन्होंने सभी से इस अभियान में अपनी पूर्ण भागीदारी की अपील की।
यूसर्क के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा0 मंजू सुन्दरियाल व डा0 भवतोष शर्मा ने अपने सम्बोधन में कहा कि उनके द्वारा कोसी नदी पुर्नजनन अभियान में पूर्ण सहयोग दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में रिस्पना नदी को बचाने में यूसर्क द्वारा जूनियर ईको टास्क फोर्स बनायी गयी है जिसमें स्कूली बच्चों को प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं कि इसका सरंक्षण किस प्रकार किया जाना है। उन्होंने कहा कि कोसी नदी पुर्नजनन अभियान में भी इस तरह की टास्क फोर्स बनायी जा सकती है साथ ही महिला समूहों को भी प्रशिक्षण दिया जा सकता है जिससे क्षेत्र में जन जागरूकता होगी।
मुख्य विकास अधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि यूसर्क के वैज्ञानिकों ने जो भी सुझाव दिए है उसी अनुसार अभियान के कार्य को करने की कोशिश की जायेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कैम्पा, मनरेगा के अलावा नेशनल इंस्टीटयूट आफ हिमालयन स्टीज के अन्तर्गत धनराशि मिलने की उम्मीद है जिससे अन्य कार्यों को किया जायेगा। उन्होंने सभी ग्राम प्रधानों व जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए जा रहे सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। इस कार्यशाला में उपस्थित एन0आर0डी0एम0एस0 के निदेशक प्रो0 जे0एस0 रावत ने पॉवर पांइट के माध्यम से उपस्थित नोडल अधिकारियों व अन्य लोगो को द्वितीय चरण में किये जाने वाले कार्यों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जो भी कार्य किये जाने है वे रिचार्ज जोन के 100 मी0 ऊपर करने होंगे। इन कार्यों में चाल-खाल, खन्तियॉ, ट्रैंच व गडढे आदि बनाये जाए साथ ही तकनीकी कमेटी के सहयोग से भी सभी कार्यों को कराया जाना होगा। प्रो0 रावत ने कहा कि वन विभाग व रेखीय विभाग सहित स्थानीय लोगो का सहयोग इस अभियान में आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि सभी कार्यों की जी0आई0एस0 मैपिंग की जा रही है। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए ब्लॉक प्रमुख सूरज सिराड़ी ने कहा कि जो भी सहयोग विकासखण्ड स्तर से होगा उनके द्वारा किया जायेगा। कोसी नदी को बचाने के लिए इस अभियान को सामूहिक जिम्मेदारी लेते हुए आगे बढ़ाना होगा। इस दौरान कोसी नदी बचाओं अभियान की शपथ दिलायी गयी। कार्यशाला में कोसी नदी पुर्नजनन अभियान में अच्छे कार्य करने के लिए अनेक लोगो को प्रशस्ति पत्र दिए गये।
इस कार्यशाला में परियोजना निदेशक नरेश कुमार, जिला विकास अधिकारी के0के0 पंत, खण्ड विकास अधिकारी हवालबाग पंकज काण्डपाल, ताकुला किशन राम आर्य, स्याहीदेवी विकास समिति के अध्यक्ष गजेन्द्र पाठक, मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी रविन्द्र चन्द्रा, वन क्षेत्राधिकारी संचिता वर्मा, प्राचार्य प्रसार प्रशिक्षण केन्द्र एम0एम0 पाठक सहित समस्त रिचार्ज जोन के नोडल अधिकारी विभिन्न ग्राम प्रधान सहित डा0 गीता रावत, एन0आर0डी0एम0एस0 हरीश कनवाल, डी0एस0 नयाल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
