April 22, 2026

पोखरी कफलढुंगा सड़क में बिना प्राइम कोट के मिट्टी के ऊपर डाला जा रहा डामर


बागेश्वर गरुड़ । पोखरी से ग्वालदे तक बनी सड़क की एक लंबे जमाने के बाद आखिरकार आज लोकनिर्माण विभाग बागेश्वर को याद आ ही गई ।
इस सड़क में आज जब विभाग द्वारा डामरीकरण की शुरुआत की गई तो क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधियों ने घटिया डामरीकरण पर अपना विरोध व्यक्त किया है ।
सभी का मानना था कि सड़क में डाली जा रही डामर 20 एमएम के बजाय कही कही पर तो 5 एमएम से कम है । और वह भी बिना सड़क से मिट्टी की सफाई किये और बिना एयर प्रेसर मशीन लगाए निर्वाध रूप से काम जोरो पर चालू है।
जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर जब आपके लोकप्रिय समाचार चैनल आखरीआंख ने मौके पर राजकीय इंटर कालेज बनतोली में जाकर देखा तो वहाँ पर सभी नियमों को ताक पर रखकर डामरीकरण का कार्य बड़े जोर शोर से चल रहा था।
यहाँ आपको यह भी बताते चले कि जब कही भी डामरीकरण होता हैं तो उसमें अमलसन जिसे ss1 भी कहते है। उसका छिड़काव प्राइम कोट 12 घण्टे पहले किया जाता हैं। ओर उसके बाद RS1 ट्रंक कोट डामरीकरण के 1 घण्टे पहले किया जाता हैं ओर जब ये दोनों कोट पड़ जाते है तो तब 20 एमएम कोल्ड मिक्स सील कोट डाला जाता हैं ।
लेकिन इस सड़क में सभी नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए विभाग द्वारा मनमानी पूर्ण तरीके से बेरोकटोक कार्य किया जा रहा हैं।
आखरीआंख ने जब लोकनिर्माण विभाग के अवर अभियंता मनोज कुमार से इस मनमानी के बारे में जानना चाहा तो उन्होंने मुझे बताया कि अभी तत्काल ठेकेदार की मनमानी पर मैं फोन कर काम बंद करवाता हु।
उनके ऐसा कहने के 2 घण्टे बाद भी जब यह समाचार लिखा जा रहा हैं । सड़क में डामरीकरण उसी हिसाब से जोर शोर से चालू है।
यहाँ इसतरह के निडर होकर कार्य करने पर एक बड़ा सवाल यह खड़ा होता हैं कि आखिर ये कार्य किसकी शह पर हो रहा हैं जिसको अवर अभियंता का भी नाममात्र सी चिंता तक नही हैं।
इस घटिया डामरीकरण पर क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों ने जो अभीतक करीब 200 मीटर किया जा चुका हैं उसकी जाँच करने की व तत्काल कार्य रोकने की मांग की हैं साथ ही उन्होंने विभाग को चेतावनी दी हैं कि यदि तत्काल इसपर कोई कार्यवाही नही होती हैं तो इस मामले को जिलाधिकारी के सामने जल्द रखने जा रहे है।