March 27, 2026

टेंडर की अनियमित्ता पर अधिशासी अभियंता पर 10 हजार का जुर्माना लगाया


नैनीताल। हाईकोर्ट ने देहरादून के सहस्त्रधारा में पानी की पाइपलाइन बिछाने के टेंडर में अनियमितता पर अधिशासी अभियंता पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने ईई को फटकार लगाते हुए काम के तरीके पर भी नाराजगी व्यक्ति की। वहीं पहले जारी टेंडर को सही मानते हुए ठेका याचिकाकर्ता को देने के आदेश दिए हैं। वहीं दो सप्ताह के भीतर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में जुर्माना जमा करने को कहा है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ में हुई। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान टेंडर कमेटी के सभी सदस्यों के साथ अधिशासी अभियंता जल संस्थान पूरे ओरिजनल रिकॉर्ड के साथ हाईकोर्ट में पेश हुए। दरअसल, जल संस्थान ने सहत्रधारा में पानी की लाइन बिछाने का टेंडर जारी किया और एक मई को टेंडर खोलकर 27 मई को इसे अपलोड भी कर दिया। बाद में 30 मई को इसे निरस्त कर दिया। 6 जून को एक बार फिर से इसी कार्य के लिए टेंडर निकाला गया। इस मामले को उच्च न्यायालय में याचिकाकर्ता विजय प्रकाश ने चुनौती दी। जिस पर जल संस्थान की ओर से कहा गया कि न्यूनतम बिड नहीं आई, जिसके चलते टेंडर को निरस्त कर दिया था। पूर्व में कोर्ट ने पूछा था कि जब बिड नहीं थी तो वित्तीय बिड कैसे खोल दी गई। पूरे रिकार्ड के साथ टेंडर कमेटी व अधिशासी अभियंता कोर्ट में पेश होने को कहा गया था। जिस पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता के पक्ष में निर्णय सुनाया।