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November 4, 2026

अधिवक्ताओं को मिले जीवन निर्वाह भत्ता


अल्मोड़ा। जिला बार एसोसिएशन अल्मोड़ा के पूर्व उपसचिव कवीन्द्र पन्त (एडवोकेट) ने एक ज्ञापन बार काउंसिल ऑफ उत्तराखण्ड के अध्यक्ष सचिव को दिया है। जिसमें पंत ने कहा है कि नव पंजीकृत कनिष्ठ अधिवक्ताओं व उम्रदराज वरिष्ठ एडवोकेट्स हेतु प्रोत्साहन राशि जीवन निर्वाह भत्ता (स्टाइफन्ड) के संदर्भ में  पंत ने कहा कि नव पंजीकृत अधिवक्ताओं के समक्ष वर्तमान में बहुत सी चुनौतियां हैं और शुरूआती वर्ष जूनियर अधिवक्ताओं के लिए आर्थिक रूप से चुनौतिपूर्ण साबित हो रहे हैं, जिससे नए अधिवक्ताओं के लिए वकालत के व्यवसाय में बने रहना बेहद कठिन हो रहा है। कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि के परिवारों से आने वाले उन नव पंजीकृत कनिष्ठ अधिवक्ताओं की मनोदशा को समझना जरूरी होता है जो कि वकालत का एक कैरियर के तौर पर चुनाव कर अनेकों सपने लिए इस व्यवसाय में आते हैं और शुरूआती वर्षों में आमदनी की न्यूनता उन्हें निराश करती है। उन्होंने कहा कि अब परिस्थितियां पहले से बिल्कुल भिन्न हैं और कार्यस्थल तक आने जाने के लिए भी संसाधनों की महती आवश्यकता होती है। ऐसे में यह आवश्यक हो जाता है कि शुरूआती पांच साल तक जूनियर अधिवक्ताओं के लिए एक समुचित प्रोत्साहन राशि (स्टाइफन्ड) की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए व 60-65 वर्ष से अधिक के ऐसे वरिष्ठ एडवोकेट्स जिन्होंने अपना पूरा जीवन वकालत के व्यवसाय के लिए समर्पित कर दिया अधिवक्ता व्यवसाय में जीवन पर्यन्त महत्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित किया है, लेकिन अब बढ़ती उम्र की परेशानियों से कोर्ट आने में असमर्थ हो रहे हैं, उन्हें भी इसी तरह का जीवन निर्वाह भत्ता मिले।

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