June 9, 2026

8 गांवो की 40 हजार आबादी चार बेड वाले पीएचसी के सहारे


हरिद्वार ।  शासन प्रशासन की लापरवाही के चलते लालढांग क्षेत्र की बड़ी आबादी उच्च स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित है। लगभग 8 गांवो में 40 हजार की आबादी लालढांग स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है, जहां बिना एमबीबीएस डॉक्टर के सुबह 8 बजे से अपराह्न 2 बजे तक ओपीडी की सुविधा आयुष विभाग के डाक्टर द्वारा दी जा रही है। दो बजे के बाद ग्रामीणों को इलाज को निजी डॉक्टर और झोलाछाप का दरवाजा खटखटाना पड़ता है, इमरजेंसी चिकित्सा सुविधा के लिए हरिद्वार से पहले कोई व्यवस्था नही है। दुर्भाग्य है कि उत्तराखण्ड बनने के 25 वर्ष बाद भी लालढांग की जनता को एक आधुनिक सुविधाओं का अस्पताल नहीं मिल सका, मरीजो को आज भी हरिद्वार जाना पड़ता है। गौरतलब है कि 15 सितंबर 2019 लालढांग क्षेत्र में मौहल्लापुरी गांव में डायरिया के प्रकोप के चलते 3 ग्रामीणों की मौत हो गई थी जबकि दो सौ से ज्यादा ग्रामीण चपेट में आ थे। वही 2017 में अधूरी स्वास्थ्य सेवाओं के चलते स्थानीय महिला प्रसूता ने दम तोड़ दिया था।