शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, किया पुतला दहन
अल्मोड़ा । रानीखेत विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति का आरोप लगाते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भतरौजखान में उत्तराखंड सरकार, शिक्षा मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का पुतला फूंककर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान क्षेत्र में सरकारी विद्यालयों में प्रधानाचार्यों और विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी तथा अस्पतालों में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध न होने का आरोप लगाया गया। प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र पंचायत सदस्य दीपक करगेती ने कहा कि एक ओर रानीखेत विधायक शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर होने के दावे कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर सरकारी अस्पताल रेफर सेंटर बनकर रह गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आपात स्थिति में अस्पतालों में डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी उपलब्ध नहीं रहते, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने हाल ही में दिवंगत हुए पूर्व प्रधान गणेश गिरी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन भी रखा। पूर्व प्रधान सुरेश असवाल ने कहा कि क्षेत्र के अधिकांश सरकारी विद्यालय स्थायी प्रधानाचार्यों से वंचित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को प्रशासनिक कार्यों में लगाए जाने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। मुकुल पंत ने कहा कि कुछ दिन पहले रेबीज का टीका लगवाने के लिए भतरोजखान अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां टीका उपलब्ध नहीं था। इसके बाद उन्हें रामनगर जाना पड़ा, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति स्पष्ट होती है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने सरकार से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर अशोक कठायत, खजान चंद्र पंत, ललित गड़ाकोटी, गोविंद सिंह रावत, कुबेर किरौला, चंदन किरौला, मुकुल पंत, मनोज पंत, संजय गड़ाकोटी, कुंदन सिंह नेगी सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
