बागेश्वर में बारिश के चलते 14 सड़कों पर यातायात बाधित
बागेश्वर । जिले में बारिश का दौर गुरुवार को भी जारी रहा। बुधवार रात से लेकर गुरुवार की सुबह तक जिले में झमाझम बारिश होती रही। बारिश के चलते 14 सड़कों में यातायात बाधित रहा। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेडक्रॉस सोसायटी ने आपदा प्रभावितों को तिरपाल आदि वितरित किया। पांच से छह घंटे तक आपूर्ति बाधित रही। जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार धैना-लखनी, बागेश्वर-दफौट, खातीगांव-देवतोली, बालीघाट-दोफाड़, कमेड़ीदेवी-भैसूड़ी, कपकोट-पिंडज्ञरी, खड़लेख-भनार, बदियाकोट-बोरबलड़ा, खड़लेख-भनार, बड़ी पल्यानी, पिंडारी, बदियाकोट-कुंवारी, धरमघर-माजखेत, बड़ेत आदि सड़कें बंद हैं।
सुमगढ़ में दिव्यांग दंपति का आशियाना क्षतिग्रस्त
बागेश्वर(आरएनएस)। बारिश के बीच कपकोट क्षेत्र के सुमगढ़ गांव में एक दिव्यांग दंपति का आशियाना क्षतिग्रस्त हो गया। बुधवार रात हुई मूसलधार बारिश से मकान टूटने के बाद दंपति के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया। सूचना पर भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी ने तत्काल राहत सामग्री पहुंचाई। ग्राम प्रधान भूपेंद्र कोरंगा ने बताया कि गांव के उछाप सिंह का आवासीय मकान भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया। उछाप सिंह और उनकी पत्नी दोनों दिव्यांग हैं, जबकि उनके बच्चे रिश्तेदारों के साथ गांव से बाहर रहते हैं। ऐसे में दंपति पूरी तरह असहाय स्थिति में आ गए। घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के स्वयंसेवी महेश सिंह गढ़िया, सुरेश राठौर और हरीश कपकोटी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को तत्काल राहत के रूप में दो तिरपाल, एक कंबल और एक किचन सेट उपलब्ध कराया, जिससे दंपति को तत्काल राहत मिल सकी।
सुमटी में गोशाला में आग लगी
कपकोट। जिले के ग्राम सुमटी में गुरुवार को एक गोशाला में आग लगने से एक गाय और एक भैंस की जलकर मौत हो गई। घटना में पशुपालक को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। सुमटी निवासी जगत सिंह पुत्र शेर सिंह की गोशाला में आग लगने से अंदर बंधी एक गाय और एक भैंस गंभीर रूप से झुलस गईं। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक दोनों पशुओं की मौत हो चुकी थी। सूचना पर संबंधित अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और नुकसान का आकलन किया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण असावधानी माना गया है। प्रशासन ने बताया कि यह घटना आपदा मानकों के अंतर्गत नहीं आती है, इसलिए प्रभावित पशुपालक को आपदा राहत मद से मुआवजा नहीं दिया जा सकेगा।
