ट्रेवल्स व्यवसायी से रंगदारी मांगने के मामले में ड्राइवर और उसका परिचित गिरफ्तार
हरिद्वार। कनखल के हंस ट्रेवल्स के स्वामी कपिल हंस को पत्र भेजकर 1.60 लाख की रंगदारी उसी के ही ट्रेवल्स की टैक्सी चला रहे ड्राइवर ने अपने एक परिचित के साथ मिलकर भेजा था। कनखल पुलिस ने पूरे प्रकरण से पर्दा उठाते हुए ड्राइवर और उसके परिचित को गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी अजय सिंह ने चौबीस घंटे के अंदर मामले का पटाक्षेप कर देने पर कनखल पुलिस की पीठ थपथपाई है।
सोमवार को हंस ट्रेवल्स के स्वामी कपिल हंस ने कनखल थाने पहुंचकर पुलिस को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया था। जानकारी दी थी कि रविवार शाम एक ई रिक्शा चालक ने उसके कार्यालय पहुंचकर एक लिफाफा दिया था। लिफाफे के अंदर मिले पत्र में 1.60 लाख की रंगदारी देने की बात लिखी थी। लिखा था कि रात में रंगदारी की रकम ऊंचा पुल ज्वालापुर के पास भिजवा दी जाए। अन्यथा गोली मारकर उसकी हत्या कर दी जाएगी। रंगदारी की बात सामने आने पर पुलिस ने आनन फानन में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
कनखल पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर ई रिक्शा चालक को खोज निकाला। तब सामने आया कि ई रिक्शा चालक को एक युवक सरेराह मिला था। उसने अपना दोपहिया वाहन खराब होने की बात कहकर लिफाफा हंस ट्रेवल्स पर पहुंचाने को दिया था। पुलिस ने उस स्थान पर पहुंचकर आस पास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले, जहां उसकी मुलाकात लिफाफा देने वाले युवक से हुई थी। थानाध्यक्ष नितेश शर्मा ने बताया कि सीसीटीवी के आधार पर हंस ट्रेवल्स की टैक्सी चलाने वाले ड्राइवर इरफान उर्फ नौशाद निवासी मोहल्ला मंडी का कुंआ ज्वालापुर को पकड़ा गया। जिसने मोहल्ले के ही अपने साथी शाहनवाज उर्फ सोनू के साथ पत्र भेजकर रंगदारी मांगी थी। पुलिस ने बताया कि हंस ट्रेवल्स का बेहतर कारोबार होने के चलते ही स्वामी से रंगदारी मांगने का ताना बाना ड्राइवनर ने बुना था। उसने धमकी भरा पत्र अपने दोस्त शहनवाज से लिखवाया था। बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
