सिडकुल में मजदूरों का सर्वाधिक शोषण : मैखुरी
रुद्रपुर। सिडकुल में मजदूरों का सर्वाधिक शोषण हो रहा है। असल में पूंजी निवेश की आड़ में राज्य के संसाधन और मजदूरों के श्रम दोनों का शोषण होता है। यह बात भाकपा (माले) के उत्तराखंड राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी ने पीडीपीएल ऑटोमोटिव कंपनी प्रबंधक द्वारा निकाले गए मजदूरों के विरोध में आंबेडकर पार्क में आयोजित जन सम्मेलन में कही। कार्यक्रम में मैखुरी ने आरोप लगाया कि सरकार मजदूरों के हक में बने कानूनों का पालन करने के बजाय पूंजीपतियों को संरक्षण दे रही है। कहा कि मजदूरों, किसानों, छात्र, नौजवानों को हिंसा घृणा के माहौल के खिलाफ बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के लिए एकजुट होकर साझा संघर्षों में उतरना होगा, तभी इस देश औरदेश वासियों के भविष्य को बचाया जा सकता है। तराई किसान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष तेजिंदर सिंह विर्क ने कहा कि मजदूरों के साथ-साथ किसान भी भाजपा सरकार के राज में पूंजीपतियों के शोषण का शिकार हैं। किसानों को गुलाम बनाने के लिए मोदी सरकार 3 कृषि कानून लाई थी और अब मजदूरों को गुलाम बनाने के लिए 44 श्रम कानूनों को खत्म करके 4 श्रम कोड लागू करने वाली है। इन श्रम कानूनों के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा आंदोलन करेगा। इस दौरान ऐक्टू राज्य कमेटी सदस्य कैलाश पांडे, भाकपा (माले) जिला सचिव ललित मटियाली, अमनदीप कौर, कांग्रेस नेता हरीश पनेरू, उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की राज्य उपाध्यक्ष रीता कश्यप, ममता पानू, करोलिया मजूदर यूनियन के अध्यक्ष हरेंद्र सिंह, इंट्राक यूनियन के महामंत्री सौरव कुमार, एडिएंट कर्मकार यूनियन के मिथेलेश जोशी, बड़वे यूनियन के साहेब सिंह, मंत्री मेटलिक्स यूनियन, नील ऑटो यूनियन के कोषाध्यक्ष संदीप मिश्रा और सन्सेरा मजदूर यूनियन के महामंत्री जोगेंद्र लाल, रैकेट इंडिया के सुरेंद्र सिंह, किसान नेता आनंद सिंह नेगी और जागीर सिंह आदि मौजूद रहे ।
