June 19, 2026

ब्यूरोक्रेसी और सेना को राजनीति से दूर रखे सरकार : खड़गे


नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ब्यूरोक्रेसी और सैनिकों के राजनीतिकरण पर आपत्ति जताई है। उन्होंने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए सरकारी कर्मचारियों और सैनिकों के राजनीतिकरण वाले आदेशों को फौरन वापस लेने की मांग की है।
सत्तारूढ़ भाजपा पर ब्यूरोक्रेसी और सैनिकों को राजनीतिक कार्यकर्ता और मार्केटिंग एजेंट में बदलने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सभी अभिकरण, संस्थान सहित पूरा प्रशासन आधिकारिक तौर पर प्रचारक बन गया है। प्रधानमंत्री को लिखे अपने दो पेज के पत्र में खड़गे ने कहा कि भारत सरकार के संयुक्त सचिव, निदेशक और उप सचिव जैसे उच्च रैंक के अधिकारियों को सरकार की नौ वर्ष की उपलब्धियों को बताने के लिए देश के सभी 765 जिलों में रथ प्रभारियों के रूप में तैनात करना चिंता का विषय है। कांग्रेस अध्यक्ष ने इसे केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम 1964 का स्पष्ट उल्लंघन करार दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी सरकारी कर्मचारी किसी भी राजनीतिक गतिविधि में भाग नहीं लेगा। हालांकि, वह जानकारी का प्रसार कर सकता है। खड़गे ने कहा कि सरकारी अधिकारियों को जश्न मनाने और उपलब्धियों का प्रदर्शन करने के लिए सत्तारूढ़ दल के राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में नहीं बदला जा सकता है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अगर सरकार की मार्केटिंग गतिविधियों के लिए विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाती है, तो देश का शासन अगले छह महीनों तक रुक जाएगा। ईडी, आईटी और सीबीआई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये एजेंसियां पहले ही भाजपा के चुनाव विभागों के रूप में काम कर रही हैं। ऐसे में ब्यूरोक्रेसी और सेना के राजनीतिकरण सत्तारूढ़ दल की पूरे सरकारी तंत्र के एजेंट के रूप में काम कराने की चाल है।
सशस्त्र बलों के राजनीतिकरण की दिशा में खतरनाक कदम

कांग्रेस अध्यक्ष ने रक्षा मंत्रालय के 9 अक्तूबर 2023 के आदेश का जिक्र करते हुए सैनिकों को सैनिक राजदूत बनाने पर भी सख्त ऐतराज जताया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सैनिकों को वार्षिक छुट्टी पर जाते वक्त सरकार की योजनाओं को बढ़ावा देने में समय बताने का निर्देश दिया गया था। उन्हें सैनिक राजदूत बनाया गया। उन्होंने कहा कि सेना प्रशिक्षण कमान को देश की रक्षा के लिए हमारे जवानों को तैयार करने पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए, पर वह सरकारी योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए स्क्रिप्ट और प्रशिक्षण नियमावली तैयार करने में व्यस्त है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सशत्र बलों को राजनीति से बाहर रखने की मांग की है। अपने पत्र में खड़गे ने कहा कि लोकतंत्र में सशस्त्र बलों को राजनीति से बाहर रखना बेहद जरूरी है। प्रत्येक जवान की निष्ठा राष्ट्र और संविधान के प्रति होती है। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिकों को सरकारी योजनाओं के मार्केंटिंग एजेंट बनने के लिए मजबूर करना सशस्त्र बलों के राजनीतिकरण की दिशा में एक खतरनाक कदम है। इसके साथ उन्होंने जवानों के वार्षिक अवकाश की वकालत करते हुए कहा कि जवानों की छुट्टी का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यकों के लिए नहीं किया जाना चाहिए। छुट्टियों में वह पूर्ण स्वतंत्रता के हकदार हैं।

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