March 7, 2026

बन्दर भगाओ खेती बचाओ अभी नही तो कभी नही: डीके जोशी

बागेश्वर गरुड़ । बन्दर भगाओ खेती बचाओ अभियान के संरक्षक एडवोकेट डीके जोशी हाइकोर्ट नैनीताल द्वारा आज गरुड़ सिविल सोसायटी कार्यालय में आज एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया ।
एडवोकेट जोशी ने मीडिया को बताया कि कत्यूर घाटी में इस अभियान की शुरुआत एक बड़े जनसमूह के साथ हो चुकी हैं।
कहा कि आज हमारा पहाड़ की खेती किसानी सरकार की उदासीनता के चलते सम्पूर्ण बर्बादी के कगार पर पहुँच चुकी हैं। और यहा की अर्थव्यवस्था तहसनहस हो गई हैं।
जिसका परिणाम यह देखने मे आ रहा हैं कि पहाड़ के कर्मठ व मेहनतकश ग्रामीण दाने 2 को मोहताज हो रहे है।
श्री जोशी ने कहा कि समिति द्वारा कुछ दिनों पूर्व वन विभाग के आला अधिकारियों के साथ भी एक बैठक की गई थी जिसमे की वन विभाग भी बन्दरों की समस्या का कोई ठोस समाधान नही निकाल पाया ।
जिसके कारण समिति को 10 फरवरी को एक विशाल जनसमूह के साथ रैली करनी पड़ रही हैं।
उनका कहना हैं कि हमारे पहाड़ के लोग इस समस्या से घोर पीड़ित होनेपर भी चुपचाप इसे सहन किये जा रहे है। वे इसे बर्दाश्त नही करेंगे।
उन्होंने कहा कि कृषि उद्यान व राजस्व विभागों को आपस मे समन्वय स्थापित कर इसका स्थाई समाधान करने की एक पहल करनी चाहिए।
उन्होंने मीडिया को बताया कि यदि कत्यूर घाटी के सभी किसानों का सहयोग रहा तो वे इस विकट समस्या के स्थायी समाधान के लिए हाइकोर्ट नैनीताल के दरवाजे पर भी दस्तक देने से नही चूकेंगे।
उन्होंने कत्यूर घाटी के सभी पीड़ित किसानों से 10 फरवरी को गरुड़ पहुँचने की अपील करते हुए कहा कि इसे हमे अभी नही तो कभी नही के अंजाम तक ले जाने को जोर लगाना होगा ।

पत्रकार वार्ता में संयोजक हरीश जोशी ने कहा कि आजकल समिति के सदस्यों द्वारा अलग 2 क्षेत्रों में जाकर किसानों को पम्फलेट बाटे जा रहे है।

पत्रकार वार्ता में चन्द्र शेखर बड़सीला, दिनेश नेगी, अनिल पांडे, अर्जुन राणा व आंदोलनकारी महेश पांडे शामिल रहे।