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October 21, 2026

शहरी विकास से काम वापस न होने पर हड़ताल करेंगे पेयजल कर्मचारी


देहरादून ।  शहरी विकास से पेयजल, सीवरेज के काम वापस न लिए जाने पर पेयजल कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दे दी है। मोर्चा की बैठक में शासन पर मांगों की अनदेखी का आरोप लगाया। पेयजल को राजकीय विभाग बनाए जाने की मांग की।  मोर्चा की संघ भवन में हुई बैठक में संयोजक रमेश बिंजौला, विजय खाली ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में दिए गए आश्वासनों को अभी तक पूरा नहीं किया गया। तय हुआ था कि शहरी विकास की एजेंसी से एडीबी के सभी काम वापस लेकर जल निगम को निर्माण के लिए दिए जाएंगे। संचालन का जिम्मा जल संस्थान के पास ही रहेगा। इसी के साथ पेयजल को राजकीय विभाग बनाया जाना था। इस आश्वासन पर ही हड़ताल का फैसला वापस लेते हुए 20 फरवरी तक मांगों को पूरा किए जाने का समय दिया गया था। अभी तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। एसएस नेगी ने कहा कि शहरी विकास की एजेंसी की ओर से पेयजल एजेंसियों को समाप्त करने की साजिश रची जा रही है। एक अलग कार्पोरेशन तक बनाने की तैयारी हो गई थी। योजनाओं का 18 साल के लिए संचालन निजी हाथों में दिया जा रहा है। इससे जल संस्थान के भविष्य पर भी असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। अब एडीबी के अलावा अमृत के कार्य भी शहरी विकास की इसी एजेंसी को देने की तैयारी हो रही है। इसका तीखा विरोध होगा। बैठक में तय हुआ कि यदि शासन स्तर से यही लापरवाही बरती गई, तो सीधे बड़ा आंदोलन खड़ा होगा। 21 फरवरी को शासन स्तर से उठाए जाने वाले कदमों की समीक्षा होगी। इसके बाद सीधे 24 फरवरी से हड़ताल का ऐलान कर दिया जाएगा। बैठक में रामचंद्र सेमवाल, रामकुमार, आनंद सिंह राजपूत, लक्ष्मी नारायण भट्ट, संदीप मल्होत्रा, शिशुपाल रावत, आशीष तिवारी, गौरव बर्त्वाल आदि मौजूद रहे।

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