January 31, 2026

कल एक्जिट पोल कर सकता हैं शीर्षासन, बीजेपी  उम्मीदवारों को अपने बूते मिल रहे सिर्फ 2% वोट, 400 पर का ये जादू!!!!!!!

  करीब डेढ़ महीने तक चले लंबे लोकसभा चुनाव के बाद अब बारी उसके नतीजों की है। 4 जून को वोटों की गिनती होगी। इसके आधार पर ही देश की राजनीतिक दिशा और दशा तय होगी लेकिन उससे पहले तमाम एग्जिट पोल के नतीजों में लगातार तीसरी बार मोदी सरकार बनने की संभावना जताई गई है। इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल समेत कुल चार सर्वे में ना सिर्फ पीएम मोदी की तीसरी बार प्रचंड लहर बताई गई है बल्कि एनडीए को 400 के पार (361 से 401) सीटें मिलने का भी अनुमान जताया गया है।
इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल सर्वे में भाजपा को 68 फीसदी वोट मिलने की भविष्यवाणी की गई है लेकिन सबसे बड़ी बात है कि सिर्फ दो फीसदी लोगों ने ही भाजपा उम्मीदवारों के चेहरे पर वोट दिया है। यानी भाजपा और एनडीए को जो भी वोट मिले हैं, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम और काम पर मिला है। इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल नतीजों में कहा गया है कि सबसे ज्यादा 22 फीसदी वोट मोदी सरकार के काम पर मिला है, जबकि 18 फीसदी वोट पीएम मोदी के नाम पर मिल रहा है।
सर्वे में कहा गया है कि मोदी सरकार की योजनाओं के नाम पर कुल 11 फीसदी लोगों ने वोट किया है, जबकि 17 फीसदी वोट भाजपा सरकार द्वारा विकास का काम किए जाने के नाम पर मिलने का अनुमान जताया गया है। सर्वे में कहा गया है कि 11 फीसदी लोगों ने पार्टी का समर्थक होने के नाते भाजपा को वोट किया है। सर्वे में यह भी कहा गया है कि छह फीसदी लोगों ने राज्यों की भाजपा सरकार के काम के आधार पर भाजपा को वोट दिया है।
कुल आंकड़ों पर गौर करें तो यह चुनाव भी लगातार तीसरी बार पीएम मोदी के नाम पर ही लड़ा गया और भाजपा को अगर जीत मिलती है तो वह भी पीएम मोदी के नाम और काम की वजह से ही मिलेगा। इस तरह पीएम मोदी ही इस चुनाव के सबसे बड़े मैजिक मैन बनकर उभरते दिख रहे हैं। इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल सर्वे के अलावा सी-वोटर के सर्वे में भी एनडीए को 353 से 383 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है, जबकि टुडेज चाणक्य और इंडिया टीवी के सर्वे में एनडीए को 400 के पार सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।

जानकर राजनैतिक पंडितों के कहना है कि अग्निवीर , राहुल व अखिलेश की सभाओं की प्रचंड भीड़, बेरोजगारी, भारत के किसानों का वो आंदोलन जो अपने गाँव मे प्रचार करने तक को उम्मीदवार को नही आने दे रहे थे वे सब मुद्दे कहा हवा में गुम हो गए।

क्या ये सब हवा हवाई थे या अब देश के साथ एक बड़ा खेला होने जा रहा हैं।

जहाँ तक इन एक्जिट पोलो की बात है इन्होंने तो ये कमाल कर दिया है कि जो पार्टी जिन प्रदेशों में जितने सीटों पर चुनाव लड़ी थी इन्होंने वहां पर उनको उससे भी ज्यादा सीटें तक दे डाली हैं।

कुलमिलाकर जनता इन्हें शक की नजरों से देख रही हैं।

सभी विश्लेषण के उपरांत कल यदि परिणाम इन एक्जिट पोलो के ठीक विपरीत देखने को मिल जाये तो किसी को कोई आश्चर्य नही होना चाहिए ।

और यदि चुनाव परिणाम इन एक्जिट पोलों के विपरीत आते हैं तो देश मे इनके लिए कुछ कायदे कानून बनॉए जाने नितांत आवश्यक हैं। जैसे कि जो चैनल अपनी सत्यता 75% तक सही साबित न कर सके तो उसपर कड़ी कार्यवाही या उसे कुछ समय तक पोल न करने की बंदिश लगाई जानी चाहिए।

मीडिया के नामपर किसके मन मे जो आये वह अपनी मनमर्जी देश की जनता पर न थोपने पाए।