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November 4, 2026

उपपा ने की जमींदारी विनाश अधिनियम में किये गए संशोधनो को निरस्त करने की मांग

जमीदारी विनाश अधीनियम में किये गये संशोधनों को तत्काल वापस ले सरकार – उपपा
अल्मोड़ा (  आखरीआंख समाााचा )   पार्टी के 10 वे स्थापना दिवस पर होटल श्याम में आयोजित उत्तराखण्डी अस्मिता को ध्वस्त करते भूमाफिया विषय पर संगोष्ठी में वक्तओं ने सरकार को सबसे बड़ी माफिया बताते हुए जमीदारी विनाश अधीनियम में किये गये संशोधनों को तत्काल वापस लेने की मांग की ।
गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए उपपा के केन्द्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि जिस तरह राज्य बने के बाद उत्तराखण्ड के प्राकृतिक संसाधनों विशेष कर जमीनों की बन्दर बाट हुई है और जिस तरह उत्तराखण्ड सरकार ने पिछली विधानसभा सत्र में औधिनिकरण के नाम पर कृषि भूमि खरीद की छूट दी है उसके गम्भीर परिणाम पर तत्काल विचार की आवश्यकता है।
संगोष्ठी में पहरू पत्रिका के सम्पदक डा हयात सिंह रावत ने कहा कि सरकार जन पूछ कर भूमि बन्दोवस्त न करने का आरोप लगाया और कहा कि चैक बन्दी न होने से कृषि भूमि लगातार कम हुई है ।
सामाजिक कार्यकर्ता ईश्वरी जोशी ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र में आज 90 प्रतिशत लोग भूमि हीन की श्रेणी में है उन्होंने कहा कि वैश्वीक दबाव में सरकारें सुनियोजित रूप से यहा के निवासीयों पलायन करने को मजबूर कर रहे । राजू महरा ने कहा कि कृषि भूमि के स्वामित्व का मुद्दा मानवीय गरिमा व समान से जुड़ा है । संगोष्ठी में डाँ केएस रावत, पत्रकार रोहित जोशी, भावना पाण्डे, प्रकाश उनियाल, गिरधारी काण्डपाल, आनन्दी वर्मा, रेखा धस्माना, एडवोकेट मनोज पंत, रमाशंकर नैनवाल, भावना पाण्डे, विमला, गोपाल राम, मोहन भट्ठ, राजू गिरी सहित अनेक लोग मौजूद थे ।

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