उत्तराखंड में वन पंचायतों को ग्राम प्रधानों को सौपने का पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने किया विरोध
देहरादून । पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने फेसबुक पर लिखा है कि मैंने एक बहुत दुर्भाग्यजनक समाचार पढ़ा वन_मंत्री जी ने कहा है कि वन पंचायतों के सरपंचों का अधिकार वह ग्राम प्रधान को सौंप सकते हैं ।
यह अत्यधिक दुर्भाग्यपूर्ण है। वन पंचायतों का अपना आंतरिक लोकतांत्रिक प्रबंधन तंत्र है, उसके साथ कोई छेड़-छाड़ वन विभाग और वन मंत्री जी को नहीं करनी चाहिए।
वन पंचायतों के प्रबंधन में सरपंच की भूमिका अत्यधिक महत्वपूर्ण है, उसको शीघ्र ग्राम व्यवस्था के हवाले करना गलत निर्णय होगा। मैं ऐसे किसी भी निर्णय का विरोध करता हूं।
ज्ञात रहे कि उत्तराखंड सरपंच संगठन उत्तराखंड के वन पंचायतों के विकास के लिए विगत 20 वर्षों से आंदोलन रत हैं। लेकिन बड़े दुख की बात है कि पहाड़ से जुड़े इस बेहद गम्भीर मुद्दे पर किसी भी सरकार ने आजतक अपनी सकारात्मक स्वीकृति प्रदान नही की है। और उत्तराखंड के वन पंचायतों को राम भरोसे ही छोड़ रखा है।
