March 4, 2026

टैक्सी की छत पर शव ले जाने के मामले में स्वास्थ्य निदेशक ने जवाब तलब किया


हल्द्वानी । एंबुलेंस नहीं मिलने पर शव को टैक्सी की छत पर बेरीनाग लेकर जाने के मामले में स्वास्थ्य निदेशक ने विभाग से स्पष्टीकरण मांगा है। जवाब में सीएमओ ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इस मामले में एसटीएच प्रबंधन से किसी भी व्यक्ति ने एंबुलेंस के लिए अनुरोध नहीं किया था। शनिवार को 21 वर्षीय अभिषेक कुमार निवासी तमोली, ग्वीर बेरीनाग (पिथौरागढ़) यहां हल्दूचौड़ में अपनी बहन शिवानी के साथ रहकर काम की तलाश कर रहा था। शुक्रवार को सिर में दर्द के बाद युवक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। शव के पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को शिवानी ने कुछ लोगों से एंबुलेंस से शव को गांव तक पहुंचाने का अनुरोध किया। एंबुलेंस चालकों ने उससे 10 से 12 हजार रुपये में शव गांव तक ले जाने की बात कही। गरीब परिवार की युवती के पास इतनी रकम नहीं थी। जब उसे कोई मदद नहीं मिली तो उसने अपने गांव के ही एक टैक्सी चालक से संपर्क किया और शव को गांव तक पहुंचाने का अनुरोध किया। अंत में टैक्सी की छत पर शव बांधकर शिवानी अपने घर ले गई। मामले में मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए तो चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण निदेशक ने सीएमओ नैनीताल को जवाब देने के निर्देश दिए गए। रविवार को सीएमओ डॉ.हरीश चंद्र पंत ने निदेशक को पत्र लिखकर कहा कि मृतक के परिवार के किसी सदस्य ने एसटीएच में एंबुलेंस की मांग नहीं की थी। पत्र में सीएमओ ने लिखा कि अत्यंत गरीब परिवारों को अनुरोध पर शव पहुंचाने की सुविधा दी जाती है। कहा कि नैनीताल जिले में वर्तमान में कोई शव वाहन उपलब्ध नहीं है। इसके प्रस्ताव पूर्व में निदेशालय भेजे गए हैं। बताया कि एसटीएच से युवक को मृत घोषित करने के बाद शव मोर्चरी स्थानांतरित कर दिया गया था।

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