March 7, 2026

थाकला गाँव मे दिनदहाड़े गुलदार ने किया पाठक पर हमला, मुश्किल से बची जान

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बागेश्वर गरुड़ । द्योनाई घाटी में आजकल गुलदार की दहशत बढ़ती जा रही हैं। अब तो दिन दहाड़े ही गुलदार बेहिचक गाँव मे दस्तक दे रहा है।

ताजा मामला क्षेत्र के दूरस्थ गाँव थाकला का हैं जहाँ आज दिन में करीब 1:30 बजे गुलदार द्वारा पूर्व प्रधान देवी दत्त पाठक पर जान लेवा हमला किया गया ।

देवी दत्त पाठक अपने बकरियों को लेकर थाकला गांव के समीप बकरी चुगा रहे थे तभी अचानक से गुलदार द्वारा पाठक पर पीछे से वार कर दिया और पाठक को नीचे गिरा दिया और शरीर में बुरी तरह से नाखून लगा दिए ।

फिर पाठक जैसे तैसे बकरियों को घर लाए और इलाज के लिए बैजनाथ अस्पताल को चले गए ।

देवी दत्त पाठक ने बताया कि उनके शरीर पर गुलदार के 2 पंजे लगे है उन्होंने बताया कि यदि उन्होंने काफी मोटे कपड़े नही पहने होते तो गुलदार उन्हें बहुत नुकसान पहुंचा सकता था। मोटे कपड़ों की वजह से उसके दाँत उनके शरीर मे नही पहुँच पाये। जिससे उनकी जान बच गई।

इससे पहले सुबह 7 बजे पहले गुलदार मोहन नाथ के फार्म आया और दो कुत्तों पर वार कर दिया मोहन नाथ के माता पिता ने गुलदार को जैसे तैसे भगाया ।

बता दे कि पूर्व में लोगों द्वारा बार बार वन विभाग को कई बार पत्र दे दिया है कि क्षेत्र में पिंजरा लगाया जाय क्योंकि गुलदार ने सभी कुत्तों को अपना निवाला बना दिया है जबकि सभी काश्तकारो ने जंगली जानवर बंदर आदि के लिए सुरक्षा के लिए कुत्ते पाल रखे थे अब गुलदार आदमखोर बन चुका है जिससे सभी लोगों की जान का खतरा बना हुआ है।

वनक्षेत्राधिकारी बैजनाथ महेंद्र गुसांई ने फोन पर बताया कि इस घटना के बाद उनके द्वारा दलबल के साथ मुआयना किया गया और गाँव मे सी सी कैमरे लगा दिए गए है ताकि गुलदार की गतिविधियों की जानकारी प्राप्त हो सके और वन विभाग की गश्त बड़ा दी गई हैं।

मुआवजे पर उन्होंने बताया कि यह उनके मेडिकल के आधार पर तय किया जाएगा।

यहां यह भी उल्लेखनीय हैं कि घाटी के रिठार, बनटोली पोखरी, सरोली भतड़िया आदि गांवों में गुलदार की दहाड़ शाम होते ही सुनाई दे रही हैं।

जनप्रतिनिधियों के कहना है कि वनविभाग को समय रहते इसपर उचित कदम उठाने की जरुरत हैं। ताकि भविष्य में कोई अप्रिय घटना से बचा जा सके।