जूनियर हाईस्कूल रौल्याना ने किया बधाणगढ़ी में शैक्षिक भ्रमण
बागेश्वर गरुड़ । विकास खण्ड गरूड़ में स्थित राजकीय जूनियर हाईस्कूल रौल्याना के छात्र छात्राओं का एक दिवसीय शैक्षिक भ्रमण कुमाऊं और गढ़वाल मंडल की सीमा में स्थित शिव जी और माता के पौराणिक मंदिर बधाणगढ़ी में गया।
प्रधानाध्यापक नीरज पन्त ने माता के मंदिर का पौराणिक महत्व को विस्तार से बताते हुए कहा कि यहां भगवान शिव मंदिर और काली माता मंदिर को “बधाण” कहा जाता है यह मंदिर एक ही पहाड़ पर स्थित है इसलिए “बधाणगढ़ी मंदिर” कहा जाता है। मंदिर के पास स्थित वांच टावर से सुन्दर हिमालय के साथ कुमाऊं और गढ़वाल की सुरम्य वादियों के दर्शन कराए। कत्यूर घाटी का नजारा देखकर बच्चे मंत्रमुग्ध हो गए।शिक्षक दीपक पाण्डेय ने प्राकृतिक वातावरण को विज्ञान से जोड़कर बाज और बुरांश के पेड़ों के महत्व को समझाकर प्रत्यक्ष जानकारी दी। शिक्षक भाष्कर पन्त ने बधाणगढ़ी मंदिर की स्थापना में कत्यूरी वंश का आठवीं से बारहवीं शताब्दी के अतुलनीय योगदान को प्रत्यक्षता के साथ विस्तार से बताया। भ्रमण के दौरान मंदिर परिसर से चौखंबा, केदारनाथ और बद्रीनाथ नीलकंठ की वादियों के बारे में जानकर देखा। पन्त ने कहा कि संतुलित और वास्तविक जानकारी प्रदान करने वाला शैक्षिक भ्रमण छात्र छात्राओं के लिए रोचक और ज्ञानवर्धक रहा। सभी बच्चे प्रसन्नचित्त थे। मंदिर के पुजारी ने सभी को आशीर्वाद दिया और कल्याण की कामना की।
इस भ्रमण कार्यक्रम में नीरज पन्त दीपक पाण्डेय भाष्कर पन्त सोनू गोस्वामी मीरा गोस्वामी हिमानी मेहरा कल्पना बोरा किरन गोस्वामी दिव्या बोरा हरेंद्र गिरी सोना गोस्वामी बबली गोस्वामी नितिन सिंह रावत रिया बोरा हर्षित नेगी हेमा गोस्वामी निर्मला भूमिका अर्जुन सहित दर्जनों बच्चे थे।
