अब बच्चे पैदा करने के लिए महिलाएं खरीद रहा चीन, इतने रुपए में हो रहा सौदा
बीजिंग । चीन के लोगों में शादी न करवाने का चलन जोरो पर चल रहा है। वहां लोग अपना अधिकतर समय अपने कामकाज में ही लगा रहे है। जिसकों लेकर सरकार परेशान है। वहीं, दूसरी तरफ, शादी के लिए विदेशी दुल्हनों की तस्करी बढ़ रही है।
दरअसल, बढ़ती महंगाई, उच्च शिक्षा, करियर पर फोकस और समाज में बदलते विचार के कारण लोग शादी नहीं कर रहे। खासतौर पर शहरी महिलाएँ अब पारंपरिक मान्यताओं को तोड़ रही हैं और शादी और मां बनने को ज़रूरी नहीं मान रहीं। हालात ऐसे है कि चीन में वन चाइल्ड पॉलिसी और बेटे को प्राथमिकता देने की सोच ने लिंग अनुपात को बुरी तरह बिगाड़ दिया है। 2000 के दशक में, चीन में हर 100 लड़कियों पर 121 लडक़े जन्म ले रहे थे। कुछ प्रांतों में तो यह अनुपात 130 लडक़ों पर 100 लड़कियां थी, इसका असर अब साफ दिख रहा है।
चीनी पुरुष अब विदेशी दुल्हनें खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। यह प्रवृत्ति महिला तस्करी को बढ़ावा दे रही है। खासतौर पर म्यांमार, वियतनाम और दक्षिण-पूर्व एशिया के अन्य देशों की लड़कियां इस तस्करी का शिकार बन रही हैं। तस्कर इन महिलाओं को अच्छी नौकरी का झांसा देकर चीन लाते हैं और फिर उन्हें 2.6 लाख से 11.3 लाख रुपये में चीनी पुरुषों को बेच देते हैं। 2019 में ह्यूमन राइट्स वॉच की रिपोर्ट में बताया गया कि चीन-म्यांमार सीमा पर सुरक्षा की कमी और कानून प्रवर्तन की लापरवाही तस्करों के लिए वरदान बन गई है। चीन सरकार अब इन अवैध शादियों पर नकेल कसने की कोशिश कर रही है। मार्च 2024 में, चीन के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय ने महिलाओं और बच्चों की सीमा पार तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया। हालाँकि, इस पर पूरी तरह से नियंत्रण पाना मुश्किल है। अवैध विवाह एजेंसियाँ और बिचौलिए अब भी सक्रिय हैं।
