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October 14, 2026

ठेका, संविदा और मानदेय कर्मी एकजुट हो : पी सी तिवारी


अल्मोड़ा ।  ‘नशा नहीं, रोजगार दो’ अभियान के संयोजक और उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) के केंद्रीय अध्यक्ष पी. सी. तिवारी ने राज्य और देश में बेरोजगारी की बढ़ती समस्या पर गहरी चिंता जताते हुए सरकार से युवाओं को स्थायी और सुरक्षित रोजगार देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हजारों युवा सरकारी, अर्धसरकारी, गैरसरकारी विभागों, विश्वविद्यालयों, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में ठेका, संविदा, मानदेय और अंशकालिक कर्मी के रूप में कार्य कर रहे हैं। ऐसे युवा अपने भविष्य को लेकर गंभीर अनिश्चितता और मानसिक तनाव के शिकार हो रहे हैं, जिसका दुष्प्रभाव सामाजिक ढांचे पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में भयावह रूप ले चुकी है, जहां रोजगार की कमी के चलते हजारों गांव खाली हो चुके हैं और खेती-किसानी पूरी तरह चौपट हो गई है। तिवारी ने उदारीकरण और निजीकरण की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इनकी वजह से आम जनता का जीवन कठिन हो गया है और ऐतिहासिक मज़दूर आंदोलनों से मिली उपलब्धियों को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। आगामी अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस को लेकर उन्होंने तमाम ट्रेड यूनियनों, कर्मचारी संगठनों, छात्र-युवा और महिला संगठनों, आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्त्रियों, भोजनमाताओं और महिला समूहों से आह्वान किया है कि वे ठेकेदारी प्रथा, असमानता और अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर आवाज़ बुलंद करें। उनका कहना है कि यदि यह संघर्ष संगठित रूप से आगे बढ़ाया गया, तो केवल तब ही जनविरोधी नीतियों को बदला जा सकता है और युवाओं को उनके अधिकार मिल सकते हैं।

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