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October 30, 2026

बागेश्वर में पुलिस कार्य में बाध पहुंचाने पर दस हजार का जुर्माना


बागेश्वर ।  पुलिस कार्य में बाधा पहुंचाने तथा थाने में तोड़फोड़ करने के एक आारोपी को सीजेएम की अदालत ने दोषसिद्ध पाया। उसे विभिन्न धाराओं में दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर एक महीने की सजा काटने का भी आदेश दिया है। घटनाक्रम के अनुसार 15 जनवरी 2024 को बिलौना में दो लोगों के बीच सड़क किनारे किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। सूचना पर कोतवाली में तैनात हेड कांस्टेबल तारा सिंह गड़िया मौके पर पहुंचे। उन्होंने बीच-बचाव का प्रयास किया। इस मामले में कोतवाली में तहरीर देने को कहा। पुलिस के कहने पर पीड़ित कोतवाली पहुंचा और तहरीर लिखने लगा।
इस बात की भनक दूसरे व्यक्ति दीवान राम उर्फ धर्मा को लग गई। वह भी कोतवाली पहुंच गया। रिपोर्ट लिख रहे व्यक्ति के साथ फिर से मारपीट शुरू कर दी। हेड कांस्टेबल ने जब बीच-बचाव करने का प्रयास किया तो उसने पुलिस के साथ भी मारपीट शुरू कर दी। इतना ही नहीं वहां तोड़फोड़ शुरू कर दी। जब पुलिस कर्मी ने इसी मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया तो धर्मा ने फोन को जमीन में पटककर तोड़ दिया। इस मामले में तारा सिंह गड़िया ने कोतवाली में तहरीर सौंपी। मामले की जांच एसआई महेश चंद्र ने की। इसके बाद मामला न्यायालय में पहुंचा। सहायक अभियोजन अधिकारी रश्मि कुलकोडिया ने बताया कि उन्होंने मामले में छह गवाह पेश कराए। गवाहों को सुनने तथा पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गुंजन सिंह ने दीवान राम को धारा 332 तथा 553 में दोषी पाया उसे दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। धारा 427, 504 तथा 506 में दोषमुक्त किया।

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