March 14, 2026

भारतीय स्टेट बैंक की गरुड़ शाखा को स्थानांतरित करने या लिफ्ट की सुविधा देने की मांग तेज़ , वरिष्ठ नागरिकों व दिव्यांगों को हो रही है भारी परेशानी, सिविल सोसायटी ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

बागेश्वर (गरुड़)। भारतीय स्टेट बैंक की गरुड़ शाखा को लेकर नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय सिविल सोसायटी ने बैंक की वर्तमान स्थिति को लेकर गहरी चिंता जताई है और इसे जनता की सुविधा के अनुरूप बनाने की मांग की है।

सिविल सोसायटी के अध्यक्ष और उच्च न्यायालय के अधिवक्ता डी.के. जोशी के नेतृत्व में सोसायटी ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन प्रेषित किया है, जिसमें कहा गया है कि वर्तमान में बैंक शाखा एक इमारत की दूसरी मंजिल पर स्थित है। वहां तक पहुंचने के लिए संकरी और कठिन सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ता है, जो वृद्धजन, महिलाएं और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए अत्यंत असुविधाजनक और जोखिम भरा है।

ज्ञापन में कहा गया है कि देश के सबसे बड़े बैंक की यह शाखा अपने ग्राहकों की जरूरतों और मूलभूत सुविधाओं की उपेक्षा कर रही है। ऐसे में या तो बैंक को वर्तमान भवन में लिफ्ट जैसी सुविधा उपलब्ध करानी चाहिए या फिर शाखा को किसी ऐसे स्थान पर स्थानांतरित किया जाए जो सुगम और सार्वजनकि पहुंच में हो

इसके साथ ही यह भी सुझाव दिया गया है कि बैंक के अंदर व्हीलचेयर की सुविधा, रैंप, और अन्य सहायक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि बैंक सभी वर्गों के लिए समावेशी बने।

डी.के. जोशी ने जिलाधिकारी से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की है और इस मुद्दे को प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने का आग्रह किया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो सिविल सोसायटी आंदोलन का रास्ता अपनाने पर भी विचार कर सकती है।

स्थानीय नागरिकों ने भी इस पहल का समर्थन किया है और बैंक प्रबंधन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की है।

यह मामला न केवल बैंकिंग सुविधा से जुड़ा है, बल्कि सामाजिक समावेशिता और दिव्यांग अधिकारों से भी जुड़ा हुआ है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और बैंक प्रबंधन इस जनहित याचना पर क्या कदम उठाते हैं।