बागेश्वर में घास काटने को लेकर भतरौला और धारागैर की महिलाएं भिड़ीं
बागेश्वर । घास काटने को लेकर भतरौला और धारागैर की महिलाओं में विवाद गहरा गया। विवाद बढ़ते देख वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाकर वापस भेज दिया। कहा कि वन विभाग की भूमि पर किसी तरह का विवाद करने का हक किसी को नहीं है। इसके बाद महिलाएं वहां से चली गईं। नीलेश्वर के समीप घास काटने को लेकर रविवार को भतरौला और धारागैर की महिलाओं में विवाद हो गया। भतरौला की महिलाओं का कहना है कि वन विभाग की वन भूमि में धारागैर की महिलाओं ने जबरन एक एरिया को घास काटने के लिए आरिक्षित कर लिया है। इसमें भतरौला की महिलाओं को आने से रोका जा रहा है। भतरौला की महिलाओं का कहना है कि वह घास काटने उस एरिया में गए तो धारागैर की महिलाओं ने उनके साथ बदतमीजी की। इससे महिलाओं में विवाद हो गया। विवाद की सूचना वन विभाग को दी। मौके पर पहुंचे वन विभाग ने महिलाओं को बमुश्किल समझाकर मामला शांत किया। हालांकि वन विभाग ने इस पूरे मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। वन विभाग ने धारागैर की महिलाओं के लिए आरक्षित जंगल में भतरौला की महिलाओं को जाने के मना किया है। उन्होंने तालमेल से घास काटने को कहा है। वन विभाग के इस फैसले से भतरौला की महिलाओं कमला देवी, प्रेमा देवी औरबसंती देवी ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि वन भूमि किसी व्यक्ति विशेष की नहीं है। इसे सभी लोगों के लिए खोला जाना चाहिए।
