सस्ते सोने पर सरकार का बड़ा फैसला, गोल्ड ज्वैलरी खरीदने का बदल गया नियम
नई दिल्ली । सोने के रेट नीचे गिर रहे है जिसकों लेकर ग्राहकों को थोड़ी राहत मिली है। वहीं अब सोने की खरीदारी को लेकर सरकार ने नियम बदल दिए है। इसलिए अगर आप भी सस्ता सोना खरीदने का प्लान बना रहे है तो इस खबर को पढ़ना आपके लिए बेहद जरूरी है। तांकि सोना खरीदते समय आपके पास हर प्रकार की जानकारी हो।
नए नियम के मुताबिक सबसे सस्ते सोने के लिए हॉलमार्किंग अनिवार्य कर दिया है। नए नियम के मुताबिक अब बिना बीआईएस हॉलमार्क वाले 9 कैरेट के गोल्ड नहीं बेचे जा सकेंगे। हालांकि अब तक ऐसा नहीं था। 9 कैरेट वाले गोल्ड जूलरी के लिए हॉलमार्किंग अनिवार्य नहीं थी। बीते कुछ महीनों से सोने की कीमत आसमान छू रही है। ऐसे में लोग सस्ते सोने का विकल्प अपना रहे हैं। लोग 24 कैरेट या 22 कैरेट के बजाए 9 कैरेट वाले सोने की खरीदारी कर रहे हैं। सस्ते 9 कैरेट सोने के गहनों की खरीदारी बढ़ने के चलते सरकार ने हॉलमार्किंग के नियम में बदलाव किया है। कम कैरेट वाले गोल्ड के गहने खरीदना लोग बेहतर समझ रहे हैं, क्योंकि ये जेब पर कम बोझ डालते हैं। 9 कैरेट वाले सोने की बढ़ती डिमांड के चलते सरकार ने ये फैसला लिया है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अधीन काम करने वाले भारतीय मानक ब्यूरो ने साफ कर दिया है कि अब 9 कैरेट सोने के गहनों पर भी हॉलमार्किंग अनिवार्य होगी। जिससे अब कम कैरेट का सस्ता सोना खरीदते वक्त भी आपको शुद्धता की गारंटी मिलेगी।
सरकार ने जुलाई 2025 से ही इस नियम को देशभर में लागू कर दिया है। अब ज्वैलर्स बिना क्चढ्ढस् हॉलमार्क वाले 9 कैरेट के गहने नहीं बेच सकेगा। हॉमार्किंग अनिवार्य होने से आपको सोने की शुद्धता की पक्की गारंटी मिल जाती है। सोने की शुद्धता के मुताबिक उसका कैरेट निर्धारित किया जाता है। ये निशान तय करता है कि आप जो सोना खरीद रहे वो कितना शुद्ध है, उसमें कितना सोना और कितनी मिलावट है। गोल्ड हॉलमार्क एक निशान होता है, जो निशान भारतीय मानक ब्यूरो (क्चढ्ढस्) की ओर से दिया जाता है। सोने की शुद्धता के हिसाब से उसके कैरेट निर्धारित किए जाते हैं और वो जूलरी पर अंकित किया जाता है। वर्तमान में 24्यस्न, 24 ्यस्, 23 ्य, 22्य, 20्य, 18्य, 14्य था, अब इसमें 9्य भी जोड़ दिया गया है। हॉलमार्किंग क्चढ्ढस् अधिनियम, 2016 के तहत की जाती है।
