June 13, 2026

बागेश्वर: पौसारी आपदा में रेस्क्यू ऑपरेशन में 11 वर्षीय बालक का शव बरामद


बागेश्वर । बागेश्वर जिले के कपकोट थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पौसारी बैसानी में 28 अगस्त 2025 की रात को आई भीषण आपदा के बाद राहत और बचाव कार्यों में रेस्क्यू टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं। इस आपदा में मलवे में दबने और बहने से पांच लोग लापता हो गए थे, जिनमें से अब तक चार लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं।
आज, 7 सितंबर 2025 को रेस्क्यू टीम ने एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की, जब लापता 11 वर्षीय बालक गिरीश चन्द्र जोशी, पुत्र रमेश चन्द्र, निवासी पौसारी साईजर बैसानी, का शव कनलगढ नदी के किनारे बरामद किया गया। परिजनों ने शव की शिनाख्त की, और मृतक के पंचनामा की कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में युद्ध स्तर पर कार्य आपदा के बाद से ही पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, फायर यूनिट और राजस्व विभाग की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। अब तक चार शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें गिरीश चन्द्र जोशी का शव शामिल है। अभी भी एक व्यक्ति लापता है, जिसकी तलाश के लिए रेस्क्यू टीमें युद्ध स्तर पर कार्य कर रही हैं।
आपदा का दर्दनाक मंजर 28 अगस्त की रात को पौसारी बैसानी में आई इस आपदा ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया था। मलवे में दबने और बहने से पांच लोग लापता हो गए थे। रेस्क्यू टीमों ने पहले तीन शवों को मलवे से निकाला था, और अब गिरीश का शव मिलने से परिजनों को अपने प्रियजन की अंतिम विदाई का मौका मिला, हालांकि यह दुखद क्षण उनके लिए बेहद पीड़ादायक है।
टीमों का अथक प्रयास रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, फायर यूनिट और राजस्व विभाग की टीमें चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी हार नहीं मान रही हैं। कनलगढ नदी के किनारे और आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और रेस्क्यू टीमें लापता व्यक्ति की तलाश में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं।
प्रशासन का संदेश जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। साथ ही, रेस्क्यू टीमें लापता व्यक्ति को जल्द से जल्द खोजने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
यह आपदा एक बार फिर प्रकृति की अनिश्चितता और मानव की जिजीविषा की कहानी को सामने लाती है। रेस्क्यू टीमें अपनी जान जोखिम में डालकर प्रभावितों की मदद के लिए दिन-रात जुटी हुई हैं, जो उनके साहस और समर्पण को दर्शाता है।