गरुड में सिंचाई विभाग की नहर कई गावो में क्षतिग्रस्त
बागेश्वर गरुड । । घांघली से लेकर तैलीहाट तक बनी सिंचाई विभाग की नहर कई जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है। इस कारण नहर में पर्याप्त पानी नहीं चल रहा है। कुछ दिन बाद लोगों को पानी की जरूरत पड़ेगी, लेकिन समय पर नहर की मरम्मत नहीं हुई तो 20 हेक्टेयर सिंचाई भूमि पर संकट के बादल मंडरा जाएंगे। लोगों ने विभाग से गेहूं बुवाई से पहले नहर में पानी चलाने की मांग की है। लोगों की शिकायत के बाद शनिवार को सिंचाई उप खंड के अभियंता प्रकाश पुनेठा, और कनिष्क अभियंता ने घागली से बैजनाथ, तैलीहाट तक बनी नहर का निरीक्षण किया। तीन किमी की लंबी इस नहर से खरीफ और रवि की 20 हेक्टेयर में बोई गई फसल की सिंचाई होती है। नहर इन दिनों जगह-जगह पर लीक कर रही है। इस कारण खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। अब गेहूं की बुआई के समय किसानों को पानी की सख्त जरूरत रहेगी। किसानों ने विभाग से जल्द नहर की मरम्मत का पानी चलाने की मांग की।
वही हाल रिठाड़ नहर में में भी चल रहा हैं। जहाँ विभाग ने कई सालों से अपने नहर के हदतक नही बनाये हैं। जिसका खामियाजा स्थानीय किसानों को उठाना पड़ रहा हैं।
सिचाई विभाग अपने पसंदीदा ठेकेदारों के नाम टेंडर कर खानापूर्ति कर रहा हैं। जिसमे की नाम मात्र का भी स्थल पर कार्य नही हो रहा हैं।
अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वाशन दिया कि शीघ्र ही गूल की सफाई करके पानी का स्तर और लीकेज चेक किया जाएगा। इसके बाद लीकेज बंद करने के लिए गूल की मरम्मत की जाएगी।
