उत्तराखंड में ग्राम पंचायत खारसी में भी महिलाओं के गहने पहनने की सीमा तय
विकासनगर । विगत अक्टूबर माह में ब्लॉक के कंधाड गांव में पंचायत की ओर से महिलाओं को तीन गहने पहने जाने के आदेश के बाद ग्राम पंचायत खारसी के ग्रामीणों ने भी महिलाओं के गहने पहनने की सीमा कर दी है। यहां की महिलाएं भी अब शादी समारोह और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में सीमित गहने पहन सकेंगी। यह नियम गांव की महिलाओं के साथ ही गांव आने वाली बेटियों पर भी लागू होगा। बैठक में गांव में होने वाले आयोजनों में अंग्रेजी शराब को प्रतिबंधित कर दिया गया है। सोमवार को स्याणा शूरवीर सिंह की अध्यक्षता में ग्राम खारसी में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में ग्रामसभा के खारसी, मानुवा और गहरी गांव के लोग शामिल हुए। गांव के स्याणा शूरवीर सिंह पंवार ने कहा कि वर्तमान में सोने के दाम आसमान छूने लगे हैं। ऐसे में हर व्यक्ति गहने नहीं बना पाता है। कहा जौनसार बावर में हमेशा समानता का भाव रखा गया है। इसलिए बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है कि महिलाएं धार्मिक, सामाजिक आयोजनों में कानों में कुंडल, मुर्की, झुमकी, बाली, नाक में फूली और गले मे मंगलसूत्र के साथ हाथ में अंगूठी पहन सकेंगी। साथ ही यह आदेश गांव में आने वाली बेटियों पर भी लागू रहेगा। कहा की इससे गांव में होने वाले आयोजनों में समानता बनी रहेगी और आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति भी खुद को अच्छा महसूस करेगा। कहा की गांव में होने वाले आयोजनों में अंग्रेजी शराब का सेवन भी पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है। विदित है कि इससे पहले कंधाड गांव में भी महिलाओं को मात्र तीन गहने पहले जाने के आदेश हुए थे। जिसका गांव के महिलाओं की ओर से पूर्णत: पालन किया जा रहा है। बैठक में शूरवीर सिह, दिनेश पंवार, खजाना सिंह राणा, मुन्ना सिह पंवार, ज्ञान सिंह, अजब सिंह, रतन सिंह, अमर सिंह पंवार, अमर सिंह चौहान, बबलू शाह, धर्म सिंह, भगत सिंह, रणवीर सिंह आदि ग्रामीण शामिल रहे।
