बीएड प्रशिक्षुओं ने किया देवकी वाटिका भ्रमण, प्रकृति आँचल में हुए भावविभोर
बागेश्वर। बीएड विभाग के छात्र–छात्राओं ने शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत देवकी लघु वाटिका का भ्रमण कर प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को नजदीक से समझा। यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने वाला भी सिद्ध हुआ।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को प्रसिद्ध “वृक्ष पुरुष” किशन सिंह मलडा का सान्निध्य प्राप्त हुआ। उन्होंने छात्र–छात्राओं को वाटिका में मौजूद विभिन्न प्रजातियों के पौधों, औषधीय वृक्षों और फलदार पौधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। किशन सिंह मलडा ने बताया कि किस प्रकार पेड़–पौधे मानव जीवन के लिए प्राणवायु प्रदान करते हैं, जल संरक्षण में सहायक होते हैं और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने औषधीय पौधों की दैनिक जीवन में उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर बीएड विभाग के विभागाध्यक्ष पंकज दुबे ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि कक्षा में पढ़ाई जाने वाली सैद्धांतिक जानकारी जब प्रकृति के बीच प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से समझी जाती है, तो उसका प्रभाव अधिक गहरा और स्थायी होता है। ऐसे कार्यक्रम छात्रों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच को मजबूत करते हैं।
भ्रमण के दौरान छात्र–छात्राओं ने गहरी रुचि के साथ पौधों से संबंधित जानकारियाँ प्राप्त कीं और जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछकर अपने ज्ञान को और समृद्ध किया। विद्यार्थियों ने इस शैक्षणिक यात्रा को अत्यंत प्रेरणादायक और उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें प्रकृति के साथ जुड़ने और पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा मिली है।
कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र–छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया और भविष्य में पौधारोपण, हरित अभियानों एवं पर्यावरण जागरूकता गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
इस शैक्षणिक भ्रमण का नेतृत्व टीम लीडर एवं विभागाध्यक्ष पंकज दुबे ने किया, जिनके साथ प्रशिक्षु भावना परिहार, नेहा माजिला, पूजा जोशी सहित दर्जनों छात्र–छात्राएँ उपस्थित रहीं। कुल मिलाकर यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए सीख, प्रेरणा और पर्यावरण के प्रति समर्पण का संदेश देने वाला कार्यक्रम साबित हुआ।
