March 4, 2026

मनरेगा खत्म कर वीबी-जी राम जी कानून लाने का विरोध


रुद्रपुर । भाकपा (माले) के पदाधिकारियों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को समाप्त कर विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) विधेयक लाने और उसे कानून बनाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। साथ ही राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में सौंपा। पार्टी नेताओं ने कहा कि बिना व्यापक चर्चा और हितधारकों से परामर्श के मनरेगा को खत्म कर नया कानून लाना दुर्भाग्यपूर्ण है। मांग आधारित और काम के अधिकार की गारंटी देने वाली योजना को समाप्त करने से मजदूरों के रोजगार अधिकारों को गंभीर नुकसान होगा। भाकपा (माले) के जिला सचिव ललित मटियाली ने कहा कि किसान और खेत मजदूर लंबे समय से मनरेगा को कृषि कार्यों से जोड़ने की मांग कर रहे थे, लेकिन नई योजना में खेती के सीजन में 60 दिन तक काम बंद रखने का प्रावधान कर खेत मजदूरों को बेरोजगारी की ओर धकेला जा रहा है। वक्ताओं ने वीबी-जी राम जी कानून को अधिकारों के केंद्रीयकरण की कोशिश बताया और कहा कि जिम्मेदारियों का बोझ राज्यों पर डालकर अधिकार केंद्र के पास रखे गए हैं। भाकपा (माले) ने मांग की कि काम के अधिकार पर हमला करने वाली इस योजना को रद किया जाए और मनरेगा को आवश्यक सुधारों के साथ लागू किया जाए। साथ ही 200 दिन काम और 600 रुपये प्रतिदिन मजदूरी की गारंटी की मांग भी उठाई। प्रदर्शन में नरेश कुमार, उत्तम दास, विजय शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।