वनाग्नि पर डीएम ने दिए सख्त निर्देश
बागेश्वर । वनाग्नि की प्रभावी रोकथाम एवं आगामी फायर सीजन की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम प्रशासन और समाज की साझा जिम्मेदारी है, जिसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि वनाग्नि गोष्ठियों का रोस्टर जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) को उपलब्ध कराया जाए, ताकि इसे ग्राम प्रधानों के माध्यम से व्यापक रूप से प्रचारित किया जा सके। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की मदद से पिरूल के निस्तारण को सुनिश्चित करने तथा इसके लिए उचित सप्लाई चेन विकसित कर पिरूल के विपणन की संभावनाएं बढ़ाने पर जोर दिया।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी ने अवगत कराया कि वनाग्नि के चक्र (साइकिल पैटर्न) को देखते हुए आगामी वर्ष में वन अग्नि की घटनाओं की आशंका बनी हुई है, इसलिए विशेष सतर्कता और पूर्व तैयारी अत्यंत आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अग्निशमन कार्य में लगे किसी भी कर्मचारी के जीवन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी फायर फाइटिंग उपकरणों की उपलब्धता एवं कार्यक्षमता की जांच करने तथा उपजिलाधिकारियों को लगातार सतर्क रहने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने मोबाइल में फॉरेस्ट फायर ऐप अनिवार्य रूप से इंस्टॉल कराने के निर्देश दिए, जिससे वनाग्नि की सूचना तत्काल दर्ज हो सके और वास्तविक समय में निगरानी संभव हो।
जिलाधिकारी ने वनाग्नि सुरक्षा समितियों को सक्रिय रखने, ग्राम स्तर पर गोष्ठियों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने तथा वन विभाग, राजस्व, पुलिस और पंचायत विभाग के बीच बेहतर समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों में पिरूल हटाकर फायर लाइन बनाने, फायर सीजन से पूर्व मॉक ड्रिल कराने तथा कंट्रोल बर्निंग की पूर्व सूचना देने के भी निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि वनाग्नि की प्रत्येक सूचना आपदा कंट्रोल रूम को दी जाए तथा त्वरित कार्रवाई करते हुए रिस्पांस टाइम न्यूनतम रखा जाए। असामाजिक तत्वों द्वारा आग लगाने की घटनाओं पर कड़ी नजर रखते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्न, अपर जिलाधिकारी एन.एन. नबियाल, मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, पुलिस उपाधीक्षक अजय शाह, वन क्षेत्राधिकारी केवलानंद पांडे, परियोजना अधिकारी विवेक परिहार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि उपजिलाधिकारी बागेश्वर एवं गरुड़ वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
