March 16, 2026

गरुड में मंगलवार को शाकाहार की आस्था पर प्रहार: बैजनाथ के जायका रेस्टोरेंट में वेज के नाम पर परोसा गया मांस, कोतवाली तक पहुँचा विवाद


गरुड़, बागेश्वर। बैजनाथ क्षेत्र में मंगलवार की शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब जायका बार रेस्टोरेंट में शुद्ध शाकाहारी ग्राहकों को कथित तौर पर मांसाहार परोस दिया गया। आस्था, विश्वास और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा यह मामला देखते ही देखते तूल पकड़ गया और बात हाथापाई से होते हुए कोतवाली तक पहुँच गई। घटना ने न केवल स्थानीय जनमानस को झकझोर दिया, बल्कि खाद्य प्रतिष्ठानों की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गनीगांव जखेड़ा निवासी मनोज रावल मंगलवार की शाम अपने साथियों के साथ बैजनाथ स्थित जायका बार रेस्टोरेंट में भोजन के लिए पहुँचे थे। उन्होंने स्पष्ट रूप से रेस्टोरेंट प्रबंधन को सूचित किया कि वे और उनके साथी शुद्ध शाकाहारी हैं तथा मंगलवार होने के कारण किसी भी प्रकार का मांसाहार स्वीकार्य नहीं होगा। इसके बावजूद, आरोप है कि वेज राइस के स्थान पर चिकन राइस परोस दिया गया, जिसे ग्राहकों ने अनजाने में खा लिया। जब इस गंभीर चूक का पता चला, तो रेस्टोरेंट का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।
ग्राहकों का आरोप है कि जब उन्होंने इस विषय में रेस्टोरेंट मैनेजर से जवाब माँगा, तो उन्हें संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। इसके बाद रेस्टोरेंट मालिक चंदन बोरा को मौके पर बुलाया गया। आरोपों के अनुसार, मालिक ने गलती स्वीकारने के बजाय ग्राहकों से उलझना शुरू कर दिया, जिससे विवाद और गहरा गया और स्थिति हाथापाई के करीब पहुँच गई। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों को थाने की शरण लेनी पड़ी।
बुधवार को इस सनसनीखेज घटनाक्रम के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ थाना बैजनाथ में तहरीर दी। रेस्टोरेंट संचालक की ओर से मारपीट का आरोप लगाया गया, जबकि ग्राहकों ने धोखे से मांस खिलाकर धार्मिक भावनाएँ आहत करने का गंभीर आरोप लगाया है। बैजनाथ के प्रभारी कोतवाल विवेक भट्ट ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर प्राप्त हो चुकी है और मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
यह घटना केवल एक रेस्टोरेंट की लापरवाही का मामला नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और सामाजिक संवेदनशीलता से जुड़ा प्रश्न बन चुकी है। अब निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि यह चूक थी या गंभीर अपराध, और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।

यहाँ यह भी गौरतलब हैं कि इसी बार के साथ 2 एक और बार आपस मे सटा हुआ है। क्या जांच अधिकारी इस बात पर भी गौर फरमाएंगे की उत्ताखण्ड बार नियमावली के अंर्तगत दो बारों के बीच की दूरी कितनी होनी चाहिए। यह भी एक आम प्रश्न यहाँ की क्षेत्रीय जनता हर जगह कानाफूसी करते नजर आती हैं।