गरुड़ में गोल्ज्यु संदेश यात्रा का भव्य स्वागत, भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम
गरुड, बागेश्वर । न्याय के देवता के रूप में विख्यात गोल्ज्यु महाराज की ‘गोल्ज्यु संदेश यात्रा’ ने बुधवार को बागेश्वर जिले के गरुड़ क्षेत्र में प्रवेश करते ही जनआस्था का अनुपम दृश्य प्रस्तुत कर दिया। चंपावत से प्रारंभ हुई यह बीस दिवसीय यात्रा अपने दसवें दिन गरुड़ पहुँची, जहाँ श्रद्धालुओं ने अभूतपूर्व उत्साह और श्रद्धा के साथ इसका भव्य स्वागत किया। यात्रा के आगमन की सूचना मिलते ही गरुड़ की सड़कें भक्तों की भीड़ से पट गईं। जैसे ही सुसज्जित रथ क्षेत्र में पहुँचा, “जय गोल्ज्यु महाराज” के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। स्थानीय नागरिकों ने पलक-पावड़े बिछाकर यात्रा का स्वागत किया, महिलाओं ने पुष्पवर्षा की, वहीं ढोल-दमाऊ और हुड़के की थाप पर लोक कलाकारों ने पारंपरिक प्रस्तुतियाँ देकर माहौल को भक्तिमय और जीवंत बना दिया। ‘अपनी धरोहर सांस्कृतिक मंच’ के तत्वावधान में आयोजित इस यात्रा का उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न गोल्ज्यु मंदिरों को एक पहचान दिलाना तथा कुमाऊं-गढ़वाल की सांस्कृतिक एकता को सुदृढ़ करना है। आयोजकों के अनुसार, यह यात्रा पिछले तीन वर्षों से लगातार आयोजित की जा रही है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। यात्रा के दौरान ‘देव डांगर’ के रूप में गोल्ज्यु महाराज के दिव्य दर्शन ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। जागर गाथाओं और आशीर्वचनों के बीच भक्तों की लंबी कतारें दर्शन के लिए उमड़ी रहीं। यात्रा के आयोजक विजय भट्ट ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गोल्ज्यु महाराज के न्याय और सत्य के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त करती है, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित और प्रोत्साहित करने का कार्य कर रही है। गरुड़ संयोजक हरीश जोशी ने भी बताया कि गोल्ज्यु महाराज के प्रति लोगों की अगाध आस्था ही इस यात्रा की सफलता का आधार है, जिसके चलते बिना किसी औपचारिक निमंत्रण के भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्वागत हेतु उमड़ पड़ते हैं। इस अवसर पर मुख्य जागरी मोहन राम, पूर्व विधायक लाखी राम, मोहन जोशी, पूर्व प्रधानाचार्य नंदन सिंह अलमिया, नीरज पंत सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति और स्कूली बच्चे भी यात्रा में शामिल रहे।
