January 29, 2026

कनाडा का पंजाबियों को बड़ा झटका :  बुजुर्ग माता-पिता अब नहीं ले सकेंगे पीआर, केयरगिवर प्रोग्राम पर भी लगी रोक


ओटावा । कनाडा जाने की चाह रखने वाले और वहां बसे पंजाबियों को ट्रूडो सरकार ने एक और बड़ा झटका दिया है। कनाडा सरकार ने वीजा नियमों में सख्त बदलाव करते हुए बुजुर्गों (माता-पिता और दादा-दादी) के लिए ‘परमानेंट रेजिडेंसÓ (क्कक्र) यानी पक्के वीजा के नए आवेदनों पर रोक लगा दी है। यह फैसला उन हजारों पंजाबियों के लिए किसी सदमे से कम नहीं है जो अपने बुजुर्ग माता-पिता को हमेशा के लिए अपने पास कनाडा बुलाना चाहते थे। हालांकि, राहत की बात यह है कि बुजुर्गों के पास अभी भी ‘सुपर वीजाÓ (स्ह्वश्चद्गह्म् ङ्कद्बह्यड्ड) का विकल्प खुला रहेगा, जिसके जरिए वे लगातार 5 साल तक कनाडा में अपने परिवार के साथ रह सकते हैं।
कनाडा इमिग्रेशन विभाग के मुताबिक, सरकार ने 2026-2028 की अपनी नई इमिग्रेशन पॉलिसी के तहत पीआर की संख्या कम करने का फैसला किया है। इसी कटौती के चलते ‘क्कड्डह्म्द्गठ्ठह्लह्य ड्डठ्ठस्र त्रह्म्ड्डठ्ठस्रश्चड्डह्म्द्गठ्ठह्लह्य क्कह्म्शद्दह्म्ड्डद्वÓ (क्कत्रक्क) के तहत 2025 में नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल केवल उन फाइलों को प्रोसेस किया जाएगा जो 2024 में सबमिट की जा चुकी हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो हर साल करीब 25 से 30 हजार बुजुर्गों को पीआर मिलती थी, जिसमें लगभग 6 हजार पंजाबी बुजुर्ग शामिल होते थे। अब यह रास्ता अगले आदेश तक बंद हो गया है।
केयरगिवर प्रोग्राम पर भी लगी ब्रेक
बुजुर्गों की पीआर के अलावा, कनाडा सरकार ने दिसंबर 2025 से ‘होम केयर वर्करÓ (केयरगिवर) पायलट प्रोग्राम पर भी अगले आदेश तक रोक लगा दी है। यह वीजा उन लोगों के लिए एक प्रमुख जरिया था जो बच्चों या बुजुर्गों की देखभाल के आधार पर कनाडा जाकर बसना चाहते थे। अब यह प्रोग्राम मार्च 2026 में दोबारा नहीं खुलेगा। सरकार ने इसके पीछे देश में आवास की कमी (॥शह्वह्यद्बठ्ठद्द ष्टह्म्द्बह्यद्बह्य) और स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ते दबाव को मुख्य वजह बताया है। इमिग्रेशन विभाग के अनुसार, इस वक्त कनाडा में 65 साल से ज्यादा उम्र के करीब 81 लाख लोग हैं, जिससे वहां के हेल्थकेयर सिस्टम पर भारी बोझ पड़ रहा है।
एक्सपर्ट की राय: पैनिक न करें, मिलने-जुलने के रास्ते खुले हैं
इस नए फरमान के बाद पंजाब में, खासकर जालंधर जैसे एनआरआई हब में बेचैनी बढ़ गई है। जालंधर बस स्टैंड के पास स्थित पिनेकल वीजा के मालिक तीर्थ सिंह ने बताया कि यह खबर बच्चों से मिलने जाने वाले बुजुर्गों के लिए चिंताजनक जरूर है, लेकिन पैनिक करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि उनके पास कई बुजुर्गों के घबराए हुए फोन आ रहे हैं।