सरकारी स्कूलों के संचालन के समय में बदलाव का विरोध
नैनीताल । राजकीय शिक्षक संघ कुमाऊं मंडल कार्यकारिणी ने प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में समय सारणी में बदलाव का विरोध किया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के समय परिवर्तन करने के फैसले पर नाराजगी व्यक्त की है। राजकीय शिक्षक संघ के मंडलीय अध्यक्ष डॉ. रविशंकर गुसाईं का कहना है कि विभाग द्वारा जारी नई विद्यालय संचालन समय सारणी में पूरे वर्ष भर एक ही समय सुबह 8.15 से दोपहर 3.15 बजे तक का निर्धारित किया गया है, जो उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थिति और पहाड़ की बुनियादी समस्याओं को ध्यान में रखकर नहीं किया गया। वर्तमान समय में विद्यालय शीत और ग्रीष्मकालीन समय में अलग-अलग समय में संचालित किए जाते रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मंडल कार्यकारिणी ने प्रांतीय कार्यकारिणी को ज्ञापन भेजकर इस फैसले का विरोध किया है। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि प्रदेश के विद्यालयों का वर्ष भर का समय एक साथ करना व्यवहारिक रूप से उचित नहीं है। प्रदेश में अधिकतर 80फीसदी विद्यालय पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में स्थित हैं। कई स्थानों में बच्चे 8 से 10 किलोमीटर की दूरी तय कर दूरस्थ क्षेत्रों से पैदल शिक्षण के लिए आते-जाते हैं। पर्वतीय अंचल में कई स्थानों में जंगली जानवरों के हमले की कई घटनाएं घटित हो चुकी हैं। गुसाईं ने कहा कि विद्यालय समय के संबंध में लिया गया यह निर्णय परिवेश के महत्व की पूर्णतः उपेक्षा करता है। मंडलीय मंत्री भारतेंदु जोशी ने विभाग से इस फैसले को तत्काल निरस्त करने को कहा है। इस संबंध में ऑनलाइन बैठक भी की गई। जिसमें मंडलीय अध्यक्ष डॉ. रविशंकर गुसाईं, मंडलीय मंत्री भारतेंदु जोशी, उपाध्यक्ष हर्षदीप सिंह, उपाध्यक्ष डॉ. प्रीति मजगाई, संयुक्त मंत्री कपिल पांडे, महिला संयुक्त मंत्री बबीता सिंह, संगठन मंत्री नीरज सचान, महिला संगठन मंत्री गीता गोस्वामी, आय व्यय निरीक्षक चंदन रावत आदि मौजूद रहे।
