January 29, 2026

-ऑफिस में शत-प्रतिशत अनुशासन, योजनाओं में समयबद्धता और जवाबदेही—जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे का सख्त प्रशासनिक संदेश


बागेश्वर। जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासनिक पारदर्शिता और समयबद्ध परिणाम सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में जिला योजना, राज्य एवं केंद्र पोषित योजनाओं, 20 सूत्रीय कार्यक्रम, टास्क फोर्स रिपोर्ट तथा सीएम हेल्पलाइन की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन की मंशा तभी साकार होगी जब योजनाएँ काग़ज़ से निकलकर ज़मीन पर गुणवत्तापूर्ण परिणाम दें।
बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी ने सभी विभागों में ई-ऑफिस के शत-प्रतिशत अनिवार्य उपयोग पर ज़ोर देते हुए दो टूक चेतावनी दी कि जिन कार्यालयों में ई-ऑफिस अब तक सक्रिय नहीं है, वहाँ के संबंधित कार्यालयाध्यक्षों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोका जाएगा। उन्होंने इसे प्रशासनिक अनुशासन और जवाबदेही की बुनियादी शर्त बताते हुए किसी भी प्रकार की शिथिलता अस्वीकार्य करार दी।
जिला योजना के अंतर्गत विभागवार प्रगति और व्यय की गहन समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएँ। अनावश्यक विलंब की स्थिति में संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य की गुणवत्ता सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। इसके लिए सभी कार्यकारी एजेंसियों को सुदृढ़ मॉनिटरिंग एवं प्रभावी रिपोर्टिंग मैकेनिज़्म विकसित करने के निर्देश दिए गए।
विभागीय योजनाओं की समीक्षा के क्रम में उद्यान विभाग को नर्सरियों के सुदृढ़ीकरण के साथ नवाचारी गतिविधियों—जैसे बच्चों को ग्राफ्टिंग तकनीक का प्रशिक्षण—की ठोस योजना तैयार करने को कहा गया, ताकि नर्सरियों में जन-आवागमन और जागरूकता बढ़े। कृषि फसलों की सुरक्षा हेतु बायो-फेंसिंग पर व्यावहारिक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए, वहीं रेशम विभाग को जिले में रेशम उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए ठोस रोडमैप प्रस्तुत करने को कहा गया।
जिला पंचायत को पर्यावरण मित्रों के माध्यम से विद्यालयों में स्वच्छ शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बीस सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने विभागों से संतोषजनक प्रगति सुनिश्चित करने हेतु त्वरित सुधारात्मक कदम उठाने को कहा। जल संस्थानों को रूरल पाइप वाटर सप्लाई स्कीम (RPWSS) के अंतर्गत शत-प्रतिशत आईडी जनरेशन सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा में सीएमओ को अल्ट्रासाउंड एवं एक्स-रे मशीनों की कार्यशीलता की दैनिक रिपोर्ट अनिवार्य रूप से जिलाधिकारी कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए। साथ ही, सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया गया कि किसी भी स्तर पर पेंडेंसी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण अनिवार्य है।
बैठक के दौरान कॉलेज भूमि हस्तांतरण प्रकरण में अनावश्यक विलंब पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराज़गी व्यक्त की और निर्देशक बीडी पांडे परिसर को तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, कुंती नाले हेतु कॉम्प्रिहेंसिव डीपीआर दो दिनों के भीतर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता द्वारा प्रेषित करने को कहा गया।
अवसंरचनात्मक कार्यों की समीक्षा में सुराग पुल निर्माण को हर हाल में जनवरी माह के अंत तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। वेबकोस के अधिशासी अभियंता को किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतने की सख्त हिदायत देते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनवरी के अंत में स्वयं स्थल निरीक्षण कर कार्य की प्रगति का भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्न, मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासनिक सख्ती, स्पष्ट दिशा और समयबद्धता के इन निर्देशों के साथ जिले में विकास कार्यों को नई गति देने का संदेश स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया।