September 24, 2026

उत्तरायणी मेले की रौनक के बीच सुरक्षा का सशक्त संदेश: 36वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह में बागेश्वर पुलिस की अनुकरणीय पहल


बागेश्वर। उत्तरायणी मेले के पावन, सांस्कृतिक और पारंपरिक वातावरण के बीच बागेश्वर पुलिस द्वारा जनहित में एक अत्यंत सराहनीय और दूरदर्शी पहल देखने को मिली। पुलिस अधीक्षक बागेश्वर श्री चन्द्रशेखर घोडके (IPS) के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में दिनांक 20 जनवरी 2026 को 36वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के अंतर्गत मेला क्षेत्र में व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित किया गया, जिसने सुरक्षा के प्रति जनमानस की सोच को नई दिशा दी।
मेले में स्थापित विशेष जागरूकता स्टॉल के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं, मेलार्थियों और स्थानीय नागरिकों को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों की व्यवहारिक और आवश्यक जानकारी प्रदान की गई। पुलिस कर्मियों ने सरल, प्रभावशाली एवं संवादात्मक तरीके से हेलमेट के अनिवार्य प्रयोग, सीट बेल्ट की महत्ता, ओवरस्पीडिंग के दुष्परिणाम तथा नशे की अवस्था में वाहन न चलाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर लोगों को जागरूक किया, जिससे उपस्थित जनसमूह में सुरक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश गया।
वर्तमान मौसम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, विशेष रूप से कोहरे एवं पाले के कारण बढ़ने वाली सड़क दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम करने हेतु सुरक्षित ड्राइविंग से संबंधित आवश्यक सुझाव भी साझा किए गए। यह पहल न केवल दुर्घटनाओं की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण रही, बल्कि वाहन चालकों को जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी देती दिखी।
जागरूकता स्टॉल के माध्यम से नागरिकों को देश में लागू नए आपराधिक कानूनों—भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)—की जानकारी पंपलेट के जरिए प्रदान की गई, जिससे आम नागरिक कानूनों के प्रति अधिक सजग और जागरूक बन सकें।
डिजिटल युग में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों को लेकर भी बागेश्वर पुलिस ने सतर्कता का सशक्त संदेश दिया। डिजिटल अरेस्ट, बैंकिंग फ्रॉड जैसे अपराधों से बचाव, महिला सुरक्षा हेतु ‘गौरा शक्ति’ ऐप, तथा आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 एवं साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 के उपयोग की जानकारी देकर नागरिकों को आत्मनिर्भर और सतर्क बनाया गया।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक महोदय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यातायात नियमों का पालन केवल चालान से बचने का माध्यम नहीं, बल्कि अपने, अपने परिवार और समाज के प्रत्येक व्यक्ति के जीवन की सुरक्षा का आधार है। उनके इस संदेश ने उपस्थित जनमानस पर गहरा प्रभाव छोड़ा।
कुल मिलाकर, उत्तरायणी मेले के उत्सवपूर्ण माहौल के बीच बागेश्वर पुलिस का यह जन-जागरूकता अभियान सुरक्षा, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा, जो निस्संदेह समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।