January 29, 2026

ग्रीनलैंड पर जारी तनाव के बीच ट्रंप का बड़ा एक्शन, यूएस के पिटुफिक बेस पर भेजे विमान


वॉशिंगटन । अमेरिका और ग्रीनलैंड के बीच जारी तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक कदम से विवाद और गहरा गया है। अमेरिका ग्रीनलैंड स्थित पिटुफिक स्पेस बेस पर नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (हृह्रक्र्रष्ठ) का एक विमान तैनात करने जा रहा है। ग्रीनलैंड पर कब्जा करने को लेकर ट्रंप की धमकियों के बीच इस फैसले से क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है।
हालांकि, हृह्रक्र्रष्ठ ने स्पष्ट किया है कि यह तैनाती पहले से नियोजित गतिविधियों का हिस्सा है। हृह्रक्र्रष्ठ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि उसके विमान जल्द ही पिटुफिक स्पेस बेस पहुंचेंगे और अमेरिका, कनाडा तथा डेनमार्क के बीच लंबे समय से चले आ रहे रक्षा सहयोग के तहत निर्धारित गतिविधियों को पूरा करेंगे। हृह्रक्र्रष्ठ ने यह भी कहा कि इस पूरी प्रक्रिया का समन्वय डेनमार्क के साथ किया गया है और ग्रीनलैंड सरकार को भी इसकी जानकारी दे दी गई है।
हृह्रक्र्रष्ठ उत्तरी अमेरिका की हवाई और अंतरिक्ष सुरक्षा के लिए नियमित रूप से कार्य करता है। इसके तहत अलास्का, कनाडा और महाद्वीपीय अमेरिका इसके तीन प्रमुख क्षेत्र हैं। यह कदम डेनिश सेना के नेतृत्व में हाल ही में संपन्न हुए एक बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास के तुरंत बाद उठाया गया है। यह अभ्यास ऐसे समय में हुआ है जब वॉशिंगटन और कोपेनहेगन के बीच तनाव बढ़ा हुआ है।
इस बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में जर्मनी, स्वीडन, फ्रांस, नॉर्वे, नीदरलैंड और फिनलैंड ने भाग लिया। इन देशों ने आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ग्रीनलैंड में सीमित संख्या में सैन्य कर्मी तैनात किए थे। डेनमार्क ने अमेरिका को भी इस अभ्यास में शामिल होने का आमंत्रण दिया था।
इसी बीच, डेनमार्क के क्षेत्र ग्रीनलैंड को हासिल करने के अपने प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने डेनमार्क और ब्रिटेन समेत अन्य यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी भी दी है। ट्रंप का कहना है कि ग्रीनलैंड पर नियंत्रण राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है और उन्होंने इस क्षेत्र में चीन और रूस की बढ़ती मौजूदगी का हवाला दिया है। ट्रंप ने यूरोपीय देशों के साथ बातचीत की पेशकश करते हुए चेतावनी दी है कि यदि कोई समझौता नहीं हुआ तो 1 फरवरी 2026 से 10 प्रतिशत और 1 जून 2026 से 25 प्रतिशत तक टैरिफ बढ़ा दिए जाएंगे।