बागेश्वर जनता दरबार में प्रशासन की सख्ती, 19 शिकायतें दर्ज — त्वरित निस्तारण के सख्त निर्देश, ई-ऑफिस को अनिवार्य किया गया
बागेश्वर ।
जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में सोमवार को तहसील सभागार में अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दराज़ से आए ग्रामीणों ने अपनी जनसमस्याएँ सीधे प्रशासन के समक्ष रखीं। जनता दरबार का उद्देश्य आमजन की शिकायतों का पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना रहा।
जनता दरबार में कुल 19 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें विद्युत आपूर्ति, पेयजल संकट, सड़क निर्माण एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी समस्याएँ प्रमुख रहीं। अपर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता तक सीमित न रहा जाए, बल्कि मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण के माध्यम से वास्तविक और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण की सूचना शिकायतकर्ता को समयबद्ध रूप से अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए।
जनता दरबार के उपरांत अपर जिलाधिकारी द्वारा सीएम हेल्पलाइन, ई-ऑफिस तथा जन समर्पण पोर्टल की विस्तृत समीक्षा की गई। सीएम हेल्पलाइन पर लंबे समय से लंबित प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए उनके शीघ्र निस्तारण के लिए सख्त समयसीमा निर्धारित की गई। सभी विभागों को निर्देशित किया गया कि ई-ऑफिस प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू करते हुए भविष्य में समस्त शासकीय फाइलों का आदान-प्रदान केवल ई-ऑफिस पोर्टल के माध्यम से ही किया जाए।
इसके अतिरिक्त जन समर्पण पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली अधिक संवेदनशील, पारदर्शी एवं जवाबदेह बन सके।
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी संगीता आर्या, जल निगम के अधिशासी अभियंता वी.के. रवि, जल संस्थान से दीनदयाल टम्टा, लोक निर्माण विभाग के संजय पांडे, जिला पूर्ति अधिकारी जी.बी. पांडे, समाज कल्याण अधिकारी जसमीत कौर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे ।
