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October 12, 2026

24 घंटे में कानून का शिकंजा: बागेश्वर पुलिस की तत्परता से जानलेवा हमले का आरोपी गिरफ्तार


बागेश्वर । जनपद में कानून-व्यवस्था को लेकर बागेश्वर पुलिस ने एक बार फिर अपनी सजगता और कार्यकुशलता का प्रभावी परिचय दिया है। पुलिस अधीक्षक श्री चन्द्रशेखर घोडके (IPS) के कुशल निर्देशन में थाना काण्डा पुलिस एवं एसओजी की संयुक्त टीम ने जानलेवा हमले के एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, साथ ही हमले में प्रयुक्त धारदार हथियार भी बरामद कर लिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 31 जनवरी 2026 को ग्राम थर्प, थाना काण्डा निवासी श्रीमती मुन्नी नगरकोटी ने थाने में तहरीर देकर अवगत कराया कि गांव के ही सागर सिंह नगरकोटी (उम्र 24 वर्ष) ने उनके पति श्री गोपाल सिंह (उम्र 55 वर्ष) के साथ गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की नीयत से धारदार हथियार ‘बडियाठ’ से हमला किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके साथ ही आरोपी द्वारा जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस तहरीर के आधार पर थाना काण्डा में एफआईआर संख्या 02/2026 अंतर्गत धारा 109(1)/352/351(1) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी बागेश्वर के पर्यवेक्षण तथा थानाध्यक्ष काण्डा श्री दिनेश कुमार पन्त के नेतृत्व में थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस टीम द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी हेतु संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी गई। इसी क्रम में आरोपी के जंगलों में छिपे होने की सूचना मिलने पर ग्राम थर्प के घने जंगलों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। निरंतर पीछा और सतर्कता के परिणामस्वरूप दिनांक 1 फरवरी 2026 को सायं 17:04 बजे आरोपी सागर सिंह नगरकोटी को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त धारदार हथियार भी बरामद कर लिया गया है।
गिरफ्तार अभियुक्त सागर सिंह नगरकोटी पुत्र श्री बचे सिंह, निवासी ग्राम थर्प, थाना काण्डा, जनपद बागेश्वर है, जिसकी आयु 24 वर्ष बताई गई है। इस सफल कार्रवाई में उप निरीक्षक लता खत्री (विवेचक), उप निरीक्षक संजय बृजवाल, हेड कांस्टेबल मदन सिंह तथा कांस्टेबल देवेश पाण्डे, चन्दन सिंह, हरीश गिरी एवं कैलाश सिंह शामिल रहे।
पुलिस द्वारा अभियुक्त को आवश्यक वैधानिक कार्यवाही के उपरांत माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। यह कार्रवाई न केवल पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा देती है, बल्कि समाज में यह स्पष्ट संदेश भी देती है कि अपराध चाहे जितना भी गंभीर हो, कानून की पकड़ से कोई बच नहीं सकता हैं।

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