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October 12, 2026

डिजिटल छल की परतें उधड़ीं: बागेश्वर पुलिस ने मोबाइल फाइनेंस ठगी के अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया


बागेश्वर। साइबर अपराधों के बढ़ते जाल के बीच बागेश्वर पुलिस ने एक उल्लेखनीय सफलता दर्ज करते हुए मोबाइल फाइनेंस के माध्यम से की जा रही संगठित ठगी का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक बागेश्वर श्री चन्द्रशेखर घोडके (IPS) के कुशल नेतृत्व और सटीक रणनीति के परिणामस्वरूप एडिटिंग व कूटरचना के जरिए लोगों को ठगने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई न केवल तकनीकी दक्षता का उदाहरण है, बल्कि आम नागरिकों के विश्वास की रक्षा की दिशा में एक सशक्त संदेश भी देती है।
मामले की शुरुआत 28 जून 2024 को हुई, जब कठायतबाड़ा, बागेश्वर निवासी एक महिला ने कोतवाली बागेश्वर में तहरीर देकर गंभीर आरोप लगाए। वादिनी के अनुसार किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके आधार और पैन कार्ड का दुरुपयोग करते हुए उनकी अनुमति के बिना D.M.I. फाइनेंस कंपनी से फाइनेंस कर सैमसंग अल्ट्रा S-23 मोबाइल फोन खरीद लिया। इस अवैध कृत्य से न केवल आर्थिक क्षति हुई, बल्कि वादिनी का बैंक सिबिल (CIBIL) स्कोर भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। तहरीर के आधार पर कोतवाली बागेश्वर में FIR संख्या 41/2024 धारा 420 IPC के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया।
अपराध की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा इस प्रकरण की विवेचना उप निरीक्षक मनोहर चन्द को सौंपी गई। विवेचना के दौरान साक्ष्यों का सूक्ष्म संकलन, साइबर सेल की तकनीकी सहायता और गहन विश्लेषण किया गया। लंबी और सतर्क जांच के बाद दिनांक 1 फरवरी 2026 को पुलिस टीम ने इस संगठित अपराध में संलिप्त दो अभियुक्तों—अंकित कुमार (23 वर्ष), निवासी यमुनोत्री इन्क्लेव, पटेलनगर, देहरादून तथा जौनी (32 वर्ष), निवासी ग्राम ककराला, नकुड, सहारनपुर (उत्तर प्रदेश)—को गिरफ्तार किया। दोनों अभियुक्तों को धारा 420/467/468/471/34 IPC के अंतर्गत निरुद्ध कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार अभियुक्त शातिर किस्म के अपराधी हैं, जिनका आपराधिक इतिहास पहले से ही दागदार रहा है। इनके विरुद्ध अन्य राज्यों में भी धोखाधड़ी और कूटरचना के माध्यम से मोबाइल फोन खरीदने से संबंधित दो अभियोग पंजीकृत पाए गए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह गिरोह योजनाबद्ध तरीके से डिजिटल पहचान का दुरुपयोग कर आम लोगों को निशाना बनाता रहा है।
इस सराहनीय कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उप निरीक्षक मनोहर चन्द (विवेचक), कांस्टेबल इमरान (साइबर सेल, बागेश्वर) तथा कांस्टेबल राजेन्द्र सिंह बगड़वाल (कोतवाली बागेश्वर) शामिल रहे। बागेश्वर पुलिस की यह सफलता न केवल कानून-व्यवस्था के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि साइबर अपराधियों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी भी है कि डिजिटल अपराध अब कानून की पकड़ से बाहर नहीं

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