रेशम से रोजगार तक: मुख्य विकास अधिकारी का स्थलीय निरीक्षण, गुणवत्ता और आत्मनिर्भरता को मिला नया संबल
बागेश्वर। जनपद में कृषि, रेशम एवं लघु उद्योग आधारित गतिविधियों को सशक्त और रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्य विकास अधिकारी श्री आर.सी. तिवारी द्वारा आज विभिन्न इकाइयों का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण का मूल उद्देश्य न केवल उत्पादन की गुणवत्ता का आकलन करना रहा, बल्कि स्थानीय संसाधनों के माध्यम से आजीविका संवर्धन की संभावनाओं को और अधिक मजबूत करना भी रहा।
निरीक्षण की शुरुआत देवकी लघु वाटिका में स्थापित मूगा रेशम फ्रूट प्लांट से हुई, जहां उत्पादन प्रक्रिया एवं पौध प्रबंधन की स्थिति का गहन अवलोकन किया गया। इसके उपरांत मुख्य विकास अधिकारी ने राजकीय रेशम फॉर्म, बागेश्वर का भ्रमण कर वहां उपलब्ध संसाधनों और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने निरीक्षक रेशम को स्पष्ट निर्देश दिए कि मूगा रेशम के पौधों का रोपण प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनपद में रेशम उत्पादन को नई गति मिल सके और यह क्षेत्र आर्थिक रूप से अधिक सुदृढ़ बन सके।
इसके पश्चात विकासखंड बागेश्वर के नदीगांव स्थित “गोदावरी धूप लघु उद्योग” का निरीक्षण किया गया। वर्तमान में इस इकाई के माध्यम से 10 स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। यहां निर्मित धूप की आपूर्ति वैष्णो देवी, कैंची धाम, कौसानी, देहरादून, हल्द्वानी सहित अनेक प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक की जा रही है। मुख्य विकास अधिकारी ने इस अभिनव प्रयास की सराहना करते हुए स्थानीय उत्पादों के व्यापक विपणन और ब्रांडिंग को और अधिक सशक्त करने के निर्देश दिए, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें।
निरीक्षण क्रम में ग्राम सातरतवे का भी भ्रमण किया गया, जहां कृषि विभाग द्वारा जिला योजना के अंतर्गत मॉडल ग्राम विकसित किया जा रहा है। क्षेत्र में बर्मी कंपोस्ट पिट, जियो लाइन टैंक, एकीकृत टैंक, घेरबाड़ तथा फसल प्रदर्शन जैसे कार्य प्रगति पर पाए गए। मुख्य विकास अधिकारी ने मुख्य कृषि अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी निर्माण एवं विकास कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराए जाएं, ताकि किसानों को इसका अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके।
इस अवसर पर श्री हरीश सिंह द्वारा संचालित पोल्ट्री फार्म एवं सेब बागान का भी निरीक्षण किया गया, जहां उन्हें उत्पादन बढ़ाने एवं तकनीकी सुधार से संबंधित आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान श्री किशन सिंह मलडा, श्री बृजेश रतूड़ी (निरीक्षक रेशम, बागेश्वर), श्री चंद्र मोहन सिंह रावत (प्रभारी महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, बागेश्वर), श्री राजेंद्र उप्रेती (प्रभारी मुख्य कृषि अधिकारी, बागेश्वर) सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर यह निरीक्षण जनपद में कृषि और लघु उद्योगों के माध्यम से आत्मनिर्भरता, गुणवत्ता सुधार और रोजगार सृजन की दिशा में एक सशक्त और दूरदर्शी कदम के रूप में देखा जा रहा है।
