स्प्यूरियस व अधोमानक दवाओं पर प्रशासन की सख्ती, जनपद में सतत निगरानी से स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूती
बागेश्वर। जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे के निर्देशों के क्रम में जनपद बागेश्वर में अधोमानक एवं स्प्यूरियस दवाओं की रोकथाम हेतु विशेष अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य न केवल दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है, बल्कि आमजन एवं पशुधन के स्वास्थ्य के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता को भी सुदृढ़ करना है।
इसी क्रम में दिनांक 03 फरवरी 2026 को औषधि निरीक्षक बागेश्वर, पूजा रानी द्वारा केंद्रीय औषधि भंडार तथा राजकीय पशु चिकित्सालय का गहन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कुल छह औषधियों के नमूने संग्रहित कर उन्हें राज्य विश्लेषणशाला में जांच हेतु प्रेषित किया गया, जिससे दवाओं की गुणवत्ता की वैज्ञानिक एवं निष्पक्ष पुष्टि सुनिश्चित की जा सके।
निरीक्षण के दौरान औषधि निरीक्षक ने केंद्रीय औषधि भंडार के कार्मिकों को औषधियों के समुचित रखरखाव, सुरक्षित भंडारण तथा गुणवत्ता संरक्षण से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए। साथ ही यह स्पष्ट निर्देश दिया गया कि यदि किसी भी औषधि की गुणवत्ता को लेकर संदेह उत्पन्न हो, तो इसकी सूचना तत्काल औषधि प्रशासन विभाग को दी जाए, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
औषधि निरीक्षक ने स्पष्ट किया कि NSQ (नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी) एवं स्प्यूरियस दवाओं की रोकथाम औषधि प्रशासन विभाग का प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने इस विषय को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि इस प्रकार की दवाएं न केवल रोगियों और पशुओं के स्वास्थ्य के लिए घातक सिद्ध हो सकती हैं, बल्कि चिकित्सा व्यवस्था एवं दवाओं के प्रति आमजन के विश्वास को भी गहरा आघात पहुंचाती हैं।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जनहित में इस प्रकार की जांच, निरीक्षण एवं सैंपलिंग की कार्यवाही जनपद में निरंतर जारी रहेगी, ताकि प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण औषधियां उपलब्ध कराई जा सकें और स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति प्रशासनिक प्रतिबद्धता और अधिक मजबूत हो।
