डीएम आकांक्षा कोंडे ने बैठक में दिखाई सख्ती, प्रशासनिक तंत्र को दिया स्पष्ट संदेश
बागेश्वर। जनपद में राजस्व संवर्धन और प्रशासनिक कार्यों की गति को तेज करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति का गहन मूल्यांकन करते हुए उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि राजस्व वृद्धि और जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही अब स्वीकार्य नहीं होगी।
जिलाधिकारी ने पुराने लंबित वादों के त्वरित निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से मामलों की पैरवी करने तथा आवश्यकतानुसार न्यायालय में अर्जेंसी प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामलों में प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने अभियोजन विभाग और पुलिस के बीच समन्वित कार्यशालाएं आयोजित करने का भी आदेश दिया, ताकि मामलों में ठोस कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
सड़क सुरक्षा को लेकर जिलाधिकारी ने विशेष चिंता व्यक्त करते हुए सभी उप जिलाधिकारियों को सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही एंटी ड्रग कमेटियों की नियमित बैठकें आयोजित करने तथा ओवरस्पीडिंग और ओवरलोडिंग पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस और एआरटीओ के साथ संयुक्त प्रवर्तन अभियान चलाने पर जोर दिया, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
परिवहन विभाग को शत-प्रतिशत राजस्व लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश देते हुए उन्होंने बिना फिटनेस के वाहन संचालन, हेलमेट न पहनने और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने का आदेश दिया। जिला पूर्ति अधिकारी को राशन कार्ड सत्यापन कार्य शीघ्र पूर्ण करने तथा अनियमितताओं में संलिप्त अधिकारियों पर दस दिनों के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी को सस्ता गल्ला गोदामों का नियमित निरीक्षण करने और खाद्य सामग्री की सैंपलिंग बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में तहसीलदार गरुड़ को ट्रेंचिंग ग्राउंड के लिए मानकों के अनुरूप भूमि चिन्हित करने तथा उप निबंधक को सप्ताह के अंतिम दो दिन गरुड़ में बैठकर कार्य करने के निर्देश दिए गए। बिना तैयारी के बैठक में उपस्थित होने पर एआरटीओ का वेतन रोकने के निर्देश भी जिलाधिकारी ने जारी किए, जिससे प्रशासनिक अनुशासन का स्पष्ट संदेश गया।
बैठक में अपर जिलाधिकारी एन. एस. नबियाल, सभी उप जिलाधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी के इन सख्त निर्देशों से प्रशासनिक तंत्र में सक्रियता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही हैं।
