डिजिटल बागेश्वर की ओर निर्णायक कदम: शेडो एरिया समाप्ति और भारत नेट विस्तार पर डीएम सख्त
बागेश्वर। पर्वतीय जनपद में संचार क्रांति को नई गति देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने शनिवार को टेलीकॉम समिति की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्पष्ट कर दिया कि नेटवर्क विहीन क्षेत्रों—अर्थात शेडो एरिया—का अस्तित्व अब अधिक समय तक स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने दूरसंचार कंपनियों को निर्देशित किया कि आगामी नेटवर्क सर्वेक्षण से पूर्व प्रशासन से समन्वय स्थापित कर जनपद के प्रत्येक शेडो जोन को सर्वे में अनिवार्य रूप से सम्मिलित किया जाए, ताकि संपूर्ण जिले में निर्बाध संचार सुविधा सुनिश्चित की जा सके। जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि शेडो एरिया की समाप्ति प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस लक्ष्य की प्राप्ति में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी के अंतर्गत बीएसएनएल फेज-1 की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। जानकारी दी गई कि 189 ग्राम पंचायतों में से 121 में इंटरनेट सेवा संचालित हो चुकी है। जिलाधिकारी ने संबंधित उप प्रभागीय अधिकारी को इसकी प्रमाणिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा जिला पंचायत राज अधिकारी को ग्राम स्तर पर वीपीडीओ के माध्यम से स्थलीय सत्यापन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने को शेष ग्राम पंचायतों में अप्रैल माह तक इंटरनेट सेवा पूर्ण रूप से सुचारू करने के स्पष्ट निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण अंचलों में डिजिटल सशक्तिकरण की प्रक्रिया और अधिक सुदृढ़ हो सके।
बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि बीएसएनएल फेज-1 के अंतर्गत स्थापित 48 टावरों में से 46 टावर 4जी सेवा से सैचुरेटेड हो चुके हैं, जबकि शेष दो टावरों पर कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त 10 नए टावरों की स्थापना की प्रक्रिया भी गतिमान है, जो निकट भविष्य में जनपद की नेटवर्क क्षमता को और सशक्त बनाएगी।
जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने अपने उद्बोधन में रेखांकित किया कि वर्तमान युग में नेटवर्क सुविधा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल भुगतान, शासन की ऑनलाइन योजनाओं और अन्य सार्वजनिक सेवाओं का मूल आधार बन चुकी है। विद्यार्थियों की ऑनलाइन शिक्षा से लेकर ग्रामीणों को मिलने वाली सरकारी योजनाओं तक, समस्त व्यवस्थाएं अब डिजिटल तंत्र पर निर्भर हैं। ऐसे में नेटवर्क की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासनिक उत्तरदायित्व का अभिन्न अंग है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विभिन्न माध्यमों से प्राप्त नेटवर्क संबंधी शिकायतों पर अपेक्षित तत्परता न दिखाने पर जिलाधिकारी ने बीएसएनएल के जूनियर टेलीकॉम ऑपरेटर से स्पष्टीकरण प्राप्त करने तथा आवश्यकता पड़ने पर उच्च स्तर पर कार्रवाई हेतु पत्राचार करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल, जेटीओ गौरव तड़ागी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
